Teejan Bai Death: मशहूर लोक गायिका तीजन बाई का निधन हो गया है. 70 साल की उम्र में सिंगर ने AIIMS रायपुर में अंतिम सांस ली है. वहीं सिंगर के निधन से उनके फैंस में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. तीजन बाई को नेशनल अवॉर्ड भी मिल चुके हैं. उनके निधन से संगीत जगत को गहरा नुकसान पहुंचा है.
लंबे समय से चल रही थीं बीमार

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छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को दुनियाभर में पहचान दिलाने वाली तीजन बाई लंबे समय से बीमार चल रही थीं. वहीं रायपुर के एम्स में तीजन बाई का इलाज चल रहा था. वहीं आज सुबह उनका निधन हो गया. सुबह 3.15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.
3 बार मिला नेशनल अवॉर्ड

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तीजन बाई को 1988 में अद्भुत कला के लिए भारत सरकार की तरफ से पद्मश्री से नवाजा गया था. वहीं इसके बाद उन्हें साल 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभुषण भी दिया गया. उनकी आवाज का हर कोई दीवाना था और ये ही वजह है कि उन्हें 3 बार नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया.
13 की उम्र में गाया था पहला गाना

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तीजन बाई का जन्म भिलाई के गनियारी गांव में हुआ था. रिपोर्ट्स के मुताबिक जब सिंगर 13 साल की थीं तब उन्होंने पहली बार गाना गाया था. इसके लिए उन्हें 10 रुपये मिले थे. हालांकि उस जमाने में 10 रुपये की भी अहमियत काफी ज्यादा थी.
लोक कला को दुनियाभर में किया फेमस

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कापालिक शैली में पांडवानी गाकर तीजन बाई गांव-गांव में फेमस हो गई थीं. तीजन बाई की कला इतनी मशहूर हो गई थी कि दूर-दूर से लोग उन्हें परफॉर्मेंस के लिए बुलाते थे. उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वर्ल्डवाइड फेमस किया है.
तीजन बाई ने तोड़ी परंपरा की जंजीर

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बता दें तीजन बाई एक ऐसी इकलौती महिला थीं जिन्होंने महिला होकर पंडवानी गायी. दरअसल उस समय की महिलाएं बैठकर ही वेदामति गाती थीं, लेकिन तीजन बाई ने परंपरा से हटकर कुछ अलग करके दिखाया. उन्होंने खड़े होकर पंडवानी गाना शुरू किया था. जिसके बाद उनकी आवाज ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया था.