अगर आप दिलजीत दोसांझ के फैन हैं, तो इस फिल्म से जुड़ी कंट्रोवर्सी आपको जरूर पता होगी. फिल्म को इंटरनेट से हटाने को लेकर लोगों के अंदर नाराजगी है. हालांकि, अब सरकार ने इस पर सफाई दी है.
फिल्म सतलुज के बारे में

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फिल्म 'सतलुज' दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म है. यह फिल्म पंजाब के 1990 के दशक की घटनाओं पर बनी है. इसमें इंसानी हक के एक कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की कहानी दिखाई गई है. फिल्म रिलीज होने के सिर्फ दो दिन बाद Zee5 से हटा दी गई. सरकार ने इसे हटाने का आदेश दिया. लोग पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? आइए सरल शब्दों में समझते हैं.
सरकार ने क्यों बैन की फिल्म?

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केंद्र सरकार के सूत्रों और आधिकारिक रिपोर्टों के जरिए इस कड़े फैसले के पीछे की असली वजह और 'कड़वा सच' सामने आया है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, समीक्षा के बाद यह पाया गया कि फिल्म 'सतलुज' के कुछ हिस्सों और दृश्यों का गलत इस्तेमाल भारत-विरोधी ताकतों द्वारा किया जा सकता है.
जसवंत सिंह खालरा का किस्सा

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चूंकि फिल्म पंजाब के सबसे संवेदनशील दौर (1980-90 के दशक के उग्रवाद) और मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है. इसमें सरकार का मानना है कि इसके कुछ अनसेंसर्ड सीन सार्वजनिक व्यवस्था और शांति को प्रभावित कर सकते हैं.
IT Rules 2021 के 'कोड ऑफ एथिक्स' का उल्लंघन

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, भले ही ओटीटी कंटेंट को सेंसर बोर्ड (CBFC) से पास कराना जरूरी नहीं होता, लेकिन उन्हें IT नियमावली 2021 (Information Technology Rules) के 'कोड ऑफ एथिक्स' का पालन करना होता है. इन नियमों के तहत, कोई भी डिजिटल प्लेटफॉर्म ऐसा कंटेंट नहीं दिखा सकता जो देश की संप्रभुता, अखंडता या राज्य की सुरक्षा को खतरे में डाले.
सेंसर बोर्ड के 127 कट्स को बाईपास करना

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फिल्म के बैन होने के पीछे एक बड़ा तकनीकी 'कड़वा सच' यह भी है कि मेकर्स ने साल 2022 में इस फिल्म को 'पंजाब 95' (Punjab 95) नाम से थियेट्रिकल रिलीज के लिए भेजा था. तब सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म में 127 कट्स लगाने और नाम बदलने का निर्देश दिया था, जिसे मेकर्स ने मानने से इनकार कर दिया और रिलीज टाल दी.
चुपचाप रिलीज की गई सतलुज

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सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि मेकर्स ने कट्स पर बैठने के बाद, सेंसर बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बचने के लिए फिल्म का नाम बदलकर 'सतलुज' किया और इसे बिना किसी कट (Uncut Version) के चुपचाप ओटीटी पर रिलीज कर दिया. जब यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, तो तुरंत एक्शन लिया गया.