आप सभी ने पंचायत सीरीज जरूर देखी होगी. इसमें 'प्रधान जी' (बृजभूषण दुबे) की भूमिका में नजर आने वाले रघुबीर यादव की संघर्ष की कहानी काफी भावुक कर देने वाली है. आज उनका इस सीरीज में लीड रोल निभाना, उनके पिछले दिनों की मेहनत का फल है.
पंचायत में 'प्रधान जी' का किरदार

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फेमल सीरीज पंचायत में 'प्रधान जी' (बृजभूषण दुबे) के रूप में आप रघुबीर यादव को कई सालों से ओटीटी पर देखते आ रहे हैं. मगर क्या आप जानते हैं कि उन्होंने यहां तक आने के लिए कितना संघर्ष किया. नीना गुप्ता की तरह उन्हें भी पहचान बनाने में कई साल लग गए.
भूखे पेट बस स्टैंड पर सोए

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रघुबीर यादव जब युवा थे, तब उन्हें डर था कि वह अपनी परीक्षाओं में फेल हो जाएंगे. इसी डर से और एक्टिंग का जुनून के कारण वह अपने घर से भाग गए थे. जब वह भागकर उत्तर प्रदेश के ललितपुर पहुंचे, तो उनके पास पैसे नहीं थे. उन्होंने वहां एक थिएटर नाटक देखा और रात को भूखे पेट बस स्टैंड पर ही सो गए. वह उनकी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट बन गया.
कम पैसों में की नौकरी

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अपना पेट पालने के लिए उन्होंने अन्नू कपूर के पिता की पारसी थिएटर कंपनी ज्वाइंन की, जहां उन्हें केवल रोजाना के 2.50 रुपए मिला करते थे. वे अक्सर शाम को भूखे पेट सो जाया करते थे. वे दिन उनके लिए तंगी से भरे हुए थे. लेकिन इसके बावजूद उनका हौसला बुलंद था.
धीरे धीरे फिल्में मिला चांस

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रघुबीर यादव रोजाना फिल्मों में रोल मिलने की राह देखा करते थे. तभी उन्हें पहला मौका उनके थिएटर बैकग्राउंड और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से जुड़े होने के कारण पूरी तरह अचानक (by chance) मिला. वह खुद स्वीकार करते हैं कि वे फिल्मों में काम तलाशने मुंबई नहीं गए थे, बल्कि फिल्म उद्योग खुद उनके पास चलकर आया था.
NSD में ली ट्रेनिंग और थिएटर पहुंचे

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रघुबीर NSD से जुड़े और वहां 3 साल तक एक्टिंग की जमकर ट्रेनिंग ली. वे दिल्ली के रंगमंच की दुनिया में इतने डूब चुके थे कि वे फिल्मों में जाने के बारे में सोच भी नहीं रहे थे। उनका मानना था कि थिएटर ही उनकी पूरी जिंदगी है.
रघुबीर यादव की पहली फिल्म

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बता दें कि साल 1985 में निर्देशक प्रदीप कृष्ण अपनी पहली फिल्म 'मैसी साहिब' (Massey Sahib) बनाने की तैयारी कर रहे थे. उन्हें अपने मुख्य किरदार 'फ्रांसिस मैसी' के लिए एक ऐसे अभिनेता की तलाश थी जो बिल्कुल स्वाभाविक और ठेठ देसी दिखे. तब उनकी नजर में रघुबीर आए, जिनकी एक्टिंग से प्रभावित होकर उन्हें रोल दे दिया. यहां से रघुबीर की जिंदगी चेंज हो गई.
पहली फिल्म को मिली ग्लोबल पहचान

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रघुबीर की इस फिल्म को वेनिस फिल्म फेस्टिवल (1986) में 'FIPRESCI क्रिटिक्स अवार्ड' और भारत के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' का प्रतिष्ठित 'सिल्वर पीकॉक अवार्ड' मिला. मीरा नायर भी रघुबीर की फैन हो गई. उन्होंने रघुबीर यादव को अपनी ऑस्कर-नामांकित फिल्म 'सलाम बॉम्बे!' में ड्रग्स के आदी 'चिलम' का बेहद चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने का मौका दिया था.
पंचायत सीरीज में रघुबीर का कमाल

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अब रघुबीर पंचायत सीरीज में भी नजर आ रहे हैं, जहां उनका 'प्रधान जी' (बृजभूषण दुबे) का किरदार लोगों को बहुत पसंद आ रहा है. नीना गुप्ता के साथ उनकी जोड़ी को लोग बहुत पसंद करते हैं. इस सीरीज को 9 IMDb रेटिंग मिली है. अब इसका सीजन 5 आने वाला है, जिसका लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.