Bashir Badr Famous Shayari in Bollywood: मशहूर शायर डॉ बशीर बद्र का आज 91 साल की उम्र में निधन हो गया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मशहूर शायर बशीर जी की कई शायरियां बॉलीवुड की कल्ट क्लासिक फिल्मों में इस्तेमाल की गई हैं, जिन्होंने उस सीन को अमर कर दिया. आइए जानते हैं.
मशहूर शायर डॉ बशीर बद्र

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मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र की सादगी से भरी और गहरे अर्थों वाली शायरी ने न सिर्फ मुशायरों को लूटा है, बल्कि बॉलीवुड की कई बेहतरीन फिल्मों और वेब सीरीज के किरदारों में जान फूंकी है. उनके शेर किरदारों के दर्द, अकेलेपन और मोहब्बत को बयां करने का जरिया बने हैं.
फिल्म मसान

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फिल्म मसान में बशीर बद्र की इस शायरी ने दर्शकों का दिल जीत लिया था. इसमें विक्की कौशल और श्र्वेता त्रिपाठी की मासूम मोहब्बत दिखाई गई है. शायरी है- "यूँही बे-सबब न फिरा करो, कोई शाम घर में रहा करो,वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है, उसे चुपके-चुपके पढ़ा करो।"
फिल्म मसान की दूसरी शायदी

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इसी फिल्म में बशीर की एक और शायरी ली गई है. जो कुछ इस तरह है- "जिस दिन से चला हूँ मेरी मंज़िल पे नज़र है,आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा।"
फिल्म राजी

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आलिया भट्ट की यह सुपरहिट फिल्म पूरे देश में छाई थी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसमें भी बशीर बद्र की शायरी इस्तेमाल की गई है. शायरी है- "कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी,यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता।"
वेब सीरीज मिर्जापुर

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मिर्जापुर एक क्राइम-थ्रिलर सीरीज है, जिसमें बशीर बद्र की शायरी का इस्तेमाल किया गया है. जब गुड्डू भैया या बबलू के सीन में शहर के बदलते मिजाज और रिश्तों में आई दूरियों या अविश्वास को दिखाया जाता है, तो बशीर बद्र का यह शेर बैकग्राउंड के जज्बात को गहराई देता है. शायरी है- "कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से,ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो।"
फिल्म हमारी अधूरी कहानी

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इमरान हाशमी और विद्या बालन की इस फिल्म में ट्रैजिक प्रेम कहानी दिखाई गई है, जिसे बशीर बद्र का शेर और गहरा बना देते हैं. शेर कुछ इस तरह है कि- "उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए।"