Bollywood Flop Producer: हिंदी सिनेमा के कई एक्टर ही नहीं बल्कि प्रोड्यूसर भी ऐसे हैं, जो लगातार मेहनत के बाद भी कुछ खास नहीं कर पाए. आज हम आपको एक ऐसे ही प्रोड्यूसर के बारे में बता रहे हैं. आइए जानते हैं कि ये कौन हैं?
यश जौहर

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हम जिनकी बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि यश जौहर हैं. यश जौहर को नहीं पता था कि आने वाले समय में क्या होगा और वो कुछ पैसे लेकर मुंबई आ गए थे. मुंबई आने के बाद उन्होंने नौकरी की तलाश शुरू की और एक अंग्रेजी न्यूजपेपर में उन्हें फोटोग्राफर का काम मिल गया.
प्रोडक्शन हाउस में किया काम

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धीरे-धीरे यश फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ने लगे और फिल्मों की ओर उनका रुझान बढ़ता गया. उन्होंने सुनील दत्त के प्रोडक्शन हाउस में काम किया और बाद में देवानंद की 'नवकेतन फिल्म्स' से जुड़ गए थे. यहां पर उन्होंने कई सालों तक काम किया.
धर्मा प्रोडक्शंस

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इसके बाद उन्होंने बड़ा कदम उठाया और अपनी कंपनी 'धर्मा प्रोडक्शंस' की स्थापना की. कई सालों के अनुभव के बाद अब वो खुद फिल्में बनाना चाहते थे और इसलिए उन्होंने अपनी कंपनी खोल दी.
धर्मा प्रोडक्शंस की पहली फिल्म

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धर्मा प्रोडक्शंस की पहली फिल्म 'दोस्ताना' थी, जो साल 1980 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा और जीनत अमान थे और ये एक सुपरहिट साबित हुई थी. ऐसा लगा कि यश जौहर की किस्मत चमक गई है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कहानी पूरी तरह से बदल गई.
लगातार फ्लॉप हुईं फिल्में

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इसके बाद 'दुनिया', 'मुकद्दर का फैसला', 'अग्निपथ', 'गुमराह' और 'डुप्लीकेट' जैसी कई फिल्में आईं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्में उम्मीद के हिसाब से नहीं चल पाईं और लगातार फ्लॉप हो रही फिल्मों ने धर्मा प्रोडक्शंस को आर्थिक संकट में डाल दिया.
मुश्किल दौर से गुजरा परिवार

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धीरे-धीरे हालात खराब होते गए और यश जौहर को अपनी कुछ संपत्तियां बेचनी पड़ीं. इतना ही नहीं बल्कि परिवार भी मुश्किल दौर से गुजरने लगा, लेकिन यश ने हार नहीं मानी और उन्होंने इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट और हैंडीक्राफ्ट के कारोबार को समय देना शुरू किया.
करण जौहर ने संभाली कमान

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भले ही यश जौहर संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उनके बेटे करण जौहर ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया और उसे एक नई जिंदगी दी. करण ने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म 'कुछ कुछ होता है' बनाई. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया. फिल्म ने ना सिर्फ रिकॉर्ड तोड़े बल्कि धर्मा प्रोडक्शंस को भी नई जिंदगी दे दी. इसके बाद 2001 में 'कभी खुशी कभी गम' आई और फिर 2003 में 'कल हो न हो'. तीन बड़ी सफलताओं ने धर्मा प्रोडक्शंस को बॉलीवुड के सबसे बड़े बैनरों में शामिल कर दिया था.