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PhD थीसिस के लिए UGC का नया नियम, AI के इस्तेमाल को लेकर बरती सख्ती, जानें क्या फैसला लिया गया?

आज-कल बच्चों के साथ बड़े लोग भी अपने कामों को आसान बनाने के लिए एआई की मदद ले रहे हैं. अब वो चाहे ऑफिस का काम हो या फिर कोई पर्सनल काम. एआई की मदद हर काम में ली जा रही है. इस बीच AI का इस्तेमाल रिसर्च के कामों में भी लगातार किया जा रहा है. जिसे देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग UGC ने पीएचडी थीसिस की जांच को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं. UGC के अनुसार, अगर किसी भी थीसिस में 10 से 40 प्रतिशत तक नकल पाई जाती है तो उसे संशोधन के लिए वापस कर दिया जाएगा. वहीं, संशोधन के लिए लौटाई गई थीसिस को शोधार्थी छह माह के अंदर सुधार कर फिर से जमा कर सकेंगे.

First published on: Jun 05, 2026 11:20 AM

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Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.

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