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8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के अंतर्गत आते 69 लाख पेंशनर्स के लिए जरूरी खबर, पेंशन के नियम में बड़ा बदलाव हुआ है. सरकारी गलती पर पेंशन रिकवरी माफ होगी. पेंशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल के तहत PPO और पेंशन कटौती और रिकवरी से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया. नियमों का पालन नहीं कर रहे बैंकों से स्पष्टीकरण मांगा गया. सरकार का मानना है कि केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय के जरिए काम होने से ट्रैकिंग आसान होगी.

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केंद्र सरकार ने पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए पेंशन से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं. पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने पेंशन कटौती, रिकवरी और पेंशन भुगतान आदेश (PPO) से संबंधित नियमों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं. सरकार का उद्देश्य पेंशन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना, भ्रम की स्थिति को खत्म करना और बुजुर्ग पेंशनरों व उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानियों से बचाना है.

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सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की गलती सरकारी स्तर पर हुई है, तो उसकी भरपाई के नाम पर पेंशनभोगियों से रिकवरी नहीं की जाएगी यानी सरकारी गलती के कारण ज्यादा पेंशन मिलने की स्थिति में बुजुर्ग पेंशनरों से राशि वापस नहीं ली जाएगी.

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दिवंगत पेंशनर या फैमिली पेंशनर के मामलों में भी राहत दी गई है. ऐसे मामलों में बैंक का केंद्रीकृत पेंशन प्रसंस्करण केंद्र (CPPC) केवल निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करेगा. इससे परिवार के सदस्यों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और देरी से राहत मिलेगी. सरकार ने यह भी माना है कि कुछ बैंक अब तक तय प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं कर रहे थे. इसी वजह से यह सख्त स्पष्टीकरण जारी किया गया है.

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अब पेंशन से जुड़े मामलों में केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO) की भूमिका को और मजबूत किया गया है, ताकि हर प्रक्रिया की ट्रैकिंग आसानी से हो सके.इसके साथ ही पेंशन भुगतान आदेश यानी PPO से जुड़ी प्रक्रिया को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार चाहती है कि पेंशन से जुड़े सभी मामलों का निपटारा एक ही चैनल के जरिए हो. इससे दस्तावेजों के गुम होने, अनावश्यक देरी और पेंशनरों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने की समस्या कम होगी.

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सरकार का मानना है कि इन नए निर्देशों से पेंशन व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद बनेगी. साथ ही बुजुर्ग पेंशनरों और उनके परिजनों को मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी और उन्हें समय पर उनका हक मिल सकेगा. इससे लाखों पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा, जो वर्षों से रिकवरी के डर में रहते थे.