वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने का सीजन शुरू हो चुका है. अमूमन देखा जाता है कि लाखों टैक्सपेयर्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया को आखिरी दिनों तक टालते रहते हैं. लेकिन अंतिम समय में इनकम टैक्स पोर्टल पर भारी ट्रैफिक और तकनीकी दिक्कतों के कारण गलत जानकारी भरने का जोखिम और लेट फीस जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं। इनकम टैक्स पोर्टल पर भारी ट्रैफिक, तकनीकी दिक्कतें, गलत जानकारी भरने का जोखिम और लेट फीस जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स हमेशा समय से पहले आईटीआर फाइल करने की सलाह देते हैं। आइए, जानते हैं समय पर रिटर्न भरने के 3 सबसे बड़े फायदे और इस साल की जरूरी डेडलाइंस।
लेट फीस और भारी-भरकम ब्याज से सीधे तौर पर बचाव

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तय समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर टैक्सपेयर्स को अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ता है। नियम के मुताबिक, अगर आपकी कुल सालाना आय ₹5 लाख से अधिक है, तो देरी से फाइल करने पर ₹5,000 की लेट फीस लगती है। वहीं, 5 लाख रुपये तक की आय वालों के लिए यह जुर्माना ₹1,000 है।
इसके अलावा, अगर आपका कोई टैक्स बकाया है, तो धारा 234A के तहत 1% प्रति माह या उसके हिस्से के हिसाब से अलग से ब्याज देना पड़ता है। इसके अलावा अगर टैक्स बकाया है तो आयकर अधिनियम की धारा 234A के तहत 1% प्रति माह या उसके हिस्से के हिसाब से ब्याज भी देना पड़ सकता है।
कैपिटल लॉस कैरी फॉरवर्ड: नुकसान का फायदा मिलेगा अगले कई सालों तक!

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यह एक ऐसा कमाल का फायदा है, जिसे कई निवेशक भूल जाते हैं। अगर आपको शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी में कोई पूंजीगत नुकसान (Capital Loss) हुआ है, तो आयकर नियमों के तहत आप उस नुकसान को भविष्य के सालों में अपने लाभ से समायोजित (Set Off) कर सकते हैं। अगर आपने शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी या किसी अन्य पूंजीगत संपत्ति में नुकसान उठाया है, तो आयकर नियम आपको उस नुकसान को भविष्य के सालों में समायोजित (Set Off) करने की अनुमति देते हैं। इस नुकसान को आगे के सालों में कैरी फॉरवर्ड करने की एकमात्र शर्त यह है कि आपका आईटीआर निर्धारित आखिरी तारीख से पहले दाखिल होना चाहिए, लेकिन इसके लिए एक महत्वपूर्ण शर्त है कि ITR समय पर दाखिल होना चाहिए। अगर आपने तय तारीख तक ITR फाइल नहीं किया, तो अधिकांश मामलों में आप उस कैपिटल लॉस को आगे के सालों में कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे।
मजबूत होती है आपकी वित्तीय प्रोफाइल, लोन और वीजा मिलना होता है आसान

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आज के दौर में आईटीआर सिर्फ एक टैक्स डॉक्युमेंट नहीं, बल्कि आपकी फाइनेंशियल क्रेडिबिलिटी (वित्तीय विश्वसनीयता) का हिस्सा है। जब आप होम लोन, कार लोन, बिजनेस लोन या क्रेडिट कार्ड और वीजा के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक और वित्तीय संस्थान आपके पिछले कुछ वर्षों के आईटीआर रिकॉर्ड को देखकर ही आपकी आय का आकलन करते हैं। होम लोन आवेदन, पर्सनल लोन, एजुकेशन लोन, बिजनेस लोन, क्रेडिट कार्ड, वीजा आवेदन, उच्च मूल्य के वित्तीय लेनदेन, बैंक और वित्तीय संस्थान अक्सर पिछले कुछ सालों के ITR रिकॉर्ड देखकर आपकी आय और वित्तीय अनुशासन का आकलन करते हैं। समय पर फाइल किया गया रिटर्न आपके मजबूत वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।
नोट कर लें जरूरी तारीखें! FY 2025-26 के लिए आईटीआर फाइलिंग की प्रमुख डेडलाइंस

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समय पर अपना सही फॉर्म चुनने और गलतियों से बचने के लिए अपनी कैटेगरी के अनुसार आखिरी तारीख जरूर नोट कर लें:
वेतनभोगी कर्मचारी और निवेशक (ITR-1/ITR-2): 31 जुलाई, 2026
फ्रीलांसर और छोटे व्यवसायी (ITR-3/ITR-4): 31 अगस्त, 2026
टैक्स ऑडिट की आवश्यकता वाले मामले: 31 अक्टूबर, 2026
विलंबित रिटर्न (Belated Return) दाखिल करने की अंतिम सीमा: 31 दिसंबर, 2026