टाटा समूह (Tata Group) में नई पीढ़ी अब कमान संभालने के लिए तैयार है। हाल ही में एक बड़ा फेरबदल करते हुए, टाटा समूह ने दिवंगत दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा की भतीजी माया टाटा (Maya Tata) को एक नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। 37 वर्षीय माया टाटा अब टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट (Trent Ltd.) के साथ जुड़ने जा रही हैं और कंपनी की प्रमुख फैशन चेन वेस्टसाइड (Westside) के ओवरसीज ई-कॉमर्स और मार्केटिंग विभाग को लीड करेंगी।
टाटा समूह में अब तक का सफर

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माया टाटा कोई नया चेहरा नहीं हैं, बल्कि वे टाटा ग्रुप में पहले भी कई अहम भूमिकाएं निभा चुकी हैं। हाल ही तक वे टाटा डिजिटल के साथ जुड़ी हुई थीं, जहां उन्होंने डिजिटल कॉमर्स और ऑनलाइन रिटेल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इससे पहले उन्होंने टाटा कैपिटल में भी काम किया, जहाँ उन्होंने फाइनेंस और कस्टमर एक्विजिशन (ग्राहक अधिग्रहण) की गहरी समझ विकसित की।
वेस्टसाइड के लिए क्या मायने रखती है माया की एंट्री?

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ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग में माया टाटा के अनुभव को देखते हुए, उन्हें वेस्टसाइड के ओवरसीज ऑपरेशंस की कमान सौंपना कंपनी की आक्रामक विकास रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि माया अपने डिजिटल विजन का उपयोग करते हुए वेस्टसाइड की ब्रांड वैल्यू और ऑनलाइन मौजूदगी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
पारिवारिक पृष्ठभूमि

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माया टाटा, टाटा ट्रस्ट के वर्तमान चेयरमैन नोएल टाटा और आलू मिस्त्री की सुपुत्री हैं। सादगी और शालीनता के साथ काम करने के लिए जानी जाने वाली माया टाटा अब टाटा ग्रुप की विरासत को अपने आधुनिक विचारों से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
माया टाटा की शिक्षा

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माया टाटा की सफलता के पीछे उनकी बेहतरीन शैक्षणिक पृष्ठभूमि और टाटा समूह में वर्षों का जमीनी अनुभव है। उन्होंने अपनी पढ़ाई विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से पूरी की है। माया ने बेयस बिजनेस स्कूल (Bayes Business School), लंदन से शिक्षा प्राप्त की है और साथ ही यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक (University of Warwick) से डिग्री हासिल की है। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने टाटा समूह के भीतर रहकर कॉर्पोरेट जगत की बारीकियां सीखीं।