Hajj Yatra 2026: हर साल होने वाली हज यात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा भी है. लाखों तीर्थयात्रियों की वजह से होटल, ट्रांसपोर्ट, खाना और शॉपिंग सेक्टर में कितना कारोबार होता है, आइए इस बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं.
हज यात्रा क्यों है खास?

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हर साल होने वाली हज यात्रा दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिनी जाती है. इस साल भी लाखों मुस्लिम श्रद्धालु सऊदी अरब के मक्का और मदीना पहुंचे हैं. हज इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक माना जाता है और हर मुस्लिम के लिए जीवन में एक बार हज करना जरूरी माना गया है.
सिर्फ 5 दिन की यात्रा से अरबों की कमाई

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हज की खास रस्में लगभग 5 दिनों तक चलती हैं, लेकिन इससे सऊदी अरब को भारी फायदा होता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हज और उमराह से सऊदी अरब हर साल करीब 12 अरब डॉलर की कमाई करता है. इंडियन करेंसी में ये रकम एक लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैठती है.
होटल स्टे से सबसे ज्यादा फायदा

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हज के दौरान मक्का और मदीना के होटल पूरी तरह भर जाते हैं. ग्रैंड मस्जिद के आसपास के लग्जरी होटल बेहद महंगे हो जाते हैं. लाखों श्रद्धालुओं की वजह से छोटे होटल और गेस्ट हाउस भी फुल रहते हैं. इससे होटल इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिलता है. हज यात्रा के दौरान बस, टैक्सी, ट्रेन और एयरलाइंस की मांग भी तेजी से बढ़ जाती है. इसके अलावा रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेवाओं में भी रिकॉर्ड कारोबार होता है. रिपोर्ट्स के अनुसार तीर्थयात्री अपने कुल खर्च का बड़ा हिस्सा खाने-पीने पर खर्च करते हैं.
हर यात्री हजारों डॉलर करता है खर्च

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एक अंतरराष्ट्रीय हज यात्री औसतन 3 हजार से 10 हजार डॉलर तक खर्च करता है. इसमें फ्लाइट टिकट, होटल, वीजा, खाना, लोकल ट्रैवल और खरीदारी शामिल होती है. अलग-अलग देशों से आने वाले श्रद्धालुओं के खर्च का लेवल भी अलग होता है.
इस साल 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

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जानकारी के मुताबिक, 2026 की हज यात्रा में अब तक 15 लाख से ज्यादा विदेशी तीर्थयात्री शामिल हुए हैं. बड़ी संख्या में लोग एशिया, अफ्रीका और यूरोप से मक्का पहुंचे हैं. भीड़ को संभालने के लिए सऊदी सरकार ने खास इंतजाम किए हैं.
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