अगर आप सोच रहे हैं कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आपको जल्द राहत मिलने वाली है, तो आपके लिए एक बेहद परेशान करने वाली खबर है। पिछले महीने तेल की कीमतों में लगातार चार बार हुई बढ़ोतरी के बावजूद, आम जनता को आने वाले दिनों में महंगाई का एक और बड़ा डोज मिल सकता है। बाजार विश्लेषकों (Analysts) और रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) के मुताबिक, सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के घाटे को पाटने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹12 प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी करने की जरूरत पड़ सकती है।
हर लीटर की बिक्री पर कंपनियों को हो रहा है भारी नुकसान

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भले ही पिछले महीने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हों, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में भारत में ईंधन अभी भी सस्ता बिक रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियां (जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) फिलहाल पेट्रोल पर ₹5.5 प्रति लीटर और डीजल पर ₹4.5 प्रति लीटर का शुद्ध मार्केटिंग घाटा (Marketing Loss) उठा रही हैं।
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$100 के पार पहुंचा कच्चा तेल, कंपनियों को रोजाना ₹550 करोड़ का घाटा

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पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान युद्ध और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। इस संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, महंगे दामों पर कच्चा तेल खरीदने और घरेलू बाजार में उसे कम दाम पर बेचने के कारण तीनों बड़ी सरकारी तेल कंपनियां रोजाना ₹550 करोड़ का भारी नुकसान झेल रही हैं।
ब्रेक-ईवन तक पहुंचने के लिए दाम बढ़ाना मजबूरी

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ICRA के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत वशिष्ठ के मुताबिक, फिलहाल कंपनियों का मार्केटिंग मार्जिन पेट्रोल पर -₹5.5 और डीजल पर -₹4.5 प्रति लीटर है। ऐसे में अगर तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹12 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी (पुरानी बढ़ोतरी को मिलाकर) करती हैं, तभी वे नो प्रॉफिट, नो लॉस यानी ब्रेक-ईवन (Break-even) की स्थिति में पहुंच पाएंगी।
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सिर्फ पेट्रोल ही नहीं, रसोई गैस और हवाई ईंधन भी करा रहा है नुकसान

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पैट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने 1 जून को जानकारी दी कि बढ़ती वैश्विक कीमतों के बीच कंपनियों को सिर्फ ऑटो ईंधन पर ही नहीं, बल्कि अन्य जरूरी ईंधनों पर भी भारी अंडर-रिकवरी (नुकसान) हो रही है। घरेलू रसोई गैस की बिक्री पर कंपनियों को प्रति सिलेंडर ₹650 का घाटा हो रहा है। जेट फ्यूल यानी विमानों के ईंधन पर भी कंपनियों को ₹30 प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्या है आगे की राह? क्या मिलेगी सरकारी मदद?

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विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ओमान और खाड़ी देशों के पास स्थित स्ट्रेट ऑफ हारमुज (Strait of Hormuz) में तेल की सप्लाई में आ रही रुकावटें इसी तरह जारी रहीं, तो खुदरा कीमतों (Retail Prices) में बढ़ोतरी करना अनिवार्य हो जाएगा। हालांकि, कंपनियों के इस भारी आर्थिक नुकसान को देखते हुए विश्लेषकों का यह भी मानना है कि आम जनता को सीधी मार से बचाने के लिए सरकार कंपनियों को वित्तीय मुआवजा या सब्सिडी सहायता (Government Compensation/Support) देने पर विचार कर सकती है।
आज प्रमुख शहरों में पेट्रोल का भाव

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नई दिल्ली ₹102.12 0.00,
कोलकाता ₹113.47 0.00,
मुंबई ₹111.18 0.00,
चेन्नई ₹107.79 -0.05,
गुड़गांव ₹102.80 +0.03,
नोएडा ₹102.09 -0.03,
बेंगलुरु ₹110.89 +0.36,
भुवनेश्वर ₹108.81 -0.25,
चंडीगढ़ ₹101.54 +0.03,
हैदराबाद ₹115.69 -0.04,
जयपुर ₹112.89 +0.23,
लखनऊ ₹101.92 +0.03,
पटना ₹113.35 -0.11,
तिरुवनंतपुरम ₹115.49 0.00,
आज डीजल की कीमत

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नई दिल्ली ₹95.20, कोलकाता ₹99.82, मुंबई ₹97.83, चेन्नई ₹99.57, गुड़गांव ₹95.47, नोएडा ₹95.54, बेंगलुरु ₹98.80, भुवनेश्वर ₹100.52, चंडीगढ़ ₹89.47, हैदराबाद ₹103.82, जयपुर ₹97.98, लखनऊ ₹95.41, पटना ₹99.36, तिरुवनंतपुरम ₹104.40