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अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चल रही हलचल और जियोपॉलिटिकल तनावों के बीच सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. वायदा बाजार से लेकर सर्राफा बाजार तक, दोनों कीमती धातुओं के दाम नए रिकॉर्ड स्तरों को छू रहे हैं.
वायदा बाजार में सोने-चांदी की चमक

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एमसीएक्स (MCX) पर सोने और चांदी के वायदा भाव में लगातार बढ़त देखी जा रही है. गोल्ड फ्यूचर्स (अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट) तेजी के साथ ट्रेडिंग कर रहा है, वहीं सिल्वर फ्यूचर्स (सितंबर कॉन्ट्रैक्ट) भी मजबूती के साथ 246,000 रुपये प्रति किग्रा के स्तर से ऊपर बना हुआ है.
24 कैरट सोने का ताजा भाव

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सर्राफा बाजार में 24 कैरट (99.9% शुद्ध) सोने का भाव लगभग 1,58,700 से 1,59,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में बना हुआ है. यह सोना सिक्कों, बार और डिजिटल गोल्ड में निवेश के लिए सबसे उत्तम माना जाता है.
22 कैरट सोने का भाव

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भारत में ज्वेलरी बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरट (91.6% शुद्ध) सोने की कीमत 1,45,700 से 1,46,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई है. आभूषणों की खरीदारी करते समय हमेशा BIS हॉलमार्क जरूर चेक करें.
18 कैरट सोने का भाव

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हल्की और डायमंड जड़ित (Diamond studded) ज्वेलरी के लिए इस्तेमाल होने वाला 18 कैरट (75% शुद्ध) सोना फिलहाल ₹1,19,400 से ₹1,20,000 प्रति 10 ग्राम की रेंज में मिल रहा है.
चांदी में रिकॉर्ड उछाल

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औद्योगिक मांग (Industrial Demand) और अंतरराष्ट्रीय तेजी के कारण चांदी में जबरदस्त एक्शन है. 1 किलोग्राम चांदी की कीमत सर्राफा बाजार में ₹2,46,800 से ₹2,48,000 प्रति किग्रा के करीब पहुंच चुकी है.
इस महीने के आखिर तक कहां तक जाएंगे भाव?

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कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, ग्लोबल लेवल पर चल रही खींचतान और डॉलर में उतार-चढ़ाव के कारण तेजी का रुझान बना रहेगा. अगस्त महीने के अंत तक :
सोना (Gold Target): MCX पर ₹1,61,500 से ₹1,62,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है.
चांदी (Silver Target): ₹2,50,000 से ₹2,52,000 प्रति किग्रा का स्तर छू सकती है.
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें

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सर्राफा बाजार और शेयर मार्केट के एक्सपर्ट अविनाश गुप्ता के अनुसार सोने चांदी की कीमतों में तेजी की 3 प्रमुख वजहें हैं.
1. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका-ईरान विवाद और मध्य पूर्व में गहराते संकट के कारण निवेशक जोखिम भरे संपत्तियों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) के रूप में सोने-चांदी को तरजीह दे रहे हैं.
2. चांदी की तगड़ी औद्योगिक मांग: सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में भारी खपत के कारण चांदी की कीमतें तेजी से भाग रही हैं.
3. शेयर बाजार में अस्थिरता: बाजारों में अनिश्चितता और महंगाई से बचाव के लिए संस्थागत निवेशक बुलियन मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं.