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नौकरी बदलते समय या ईपीएफओ (EPFO) खाते का रिकॉर्ड चेक करते वक्त हम अक्सर छोटी-छोटी जानकारियों को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके ईपीएफ (EPF) खाते में दर्ज नौकरी शुरू करने की तारीख (Date of Joining) या नौकरी छोड़ने की तारीख (Date of Exit) की एक छोटी सी गलती आपके पीएफ बैलेंस, ट्रांसफर और पेंशन (EPS Pension) पर बड़ा ब्रेक लगा सकती है.
नौकरी शुरू करने की गलत तारीख? घटेगा ब्याज और बैलेंस

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अगर आपके नियोक्ता (Employer) ने ऑनबोर्डिंग के दौरान आपकी नौकरी शुरू करने की गलत तारीख दर्ज कर दी है, तो आपका सर्विस पीरियड कम दिखेगा. इससे भविष्य में आपके पीएफ बैलेंस (PF Balance) के कैलकुलेशन और मिलने वाले ब्याज पर असर पड़ सकता है.
नौकरी छोड़ने की तारीख में गड़बड़ी? अटक जाएगा पीएफ क्लेम!

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पुरानी कंपनी छोड़ने की तारीख (Date of Exit) गलत दर्ज होने पर ऑनलाइन पीएफ ट्रांसफर या पूरा पैसा निकालने में दिक्कत आती है. अगर पिछली कंपनी ने एग्जिट डेट अपडेट नहीं की है, तो नया एम्प्लॉयर ट्रांसफर रिक्वेस्ट को अटका सकता है.
10 साल की नौकरी और पेंशन (EPS) का गणित

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ईपीएस (EPS) के तहत जीवनभर हर महीने पेंशन पाने के लिए 10 साल की सर्विस होना अनिवार्य है. अगर आपकी जॉइनिंग या एग्जिट डेट में गलती है, तो आपकी सेवा अवधि 10 साल से कम दिख सकती है और आप पेंशन के हक से वंचित हो सकते हैं.
गैप या ओवरलैप: सर्विस हिस्ट्री में न आने दें खराबी

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तारीखों की गड़बड़ी से रिकॉर्ड में आपकी नौकरी के बीच अनचाहा गैप या एक ही समय में दो जगह नौकरी करने का ओवरलैप दिख सकता है. इससे आपकी कुल पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service) का हिसाब लगाना मुश्किल हो जाता है.
जानें घर बैठे सुधार करने का तरीका

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राहत की बात यह है कि आधार-वेरिफाइड UAN मेंबर्स बिना दस्तावेज अपलोड किए खुद ऑनलाइन एग्जिट डेट दर्ज कर सकते हैं. इसके लिए पोर्टल पर Manage > Mark Exit में जाएं, तारीख चुनें और ओटीपी से सबमिट कर दें. ध्यान दें कि नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद ही यह विकल्प एक्टिव होता है.