अक्सर गाड़ी चलाते समय लोग एक-दूसरे को टोकते हैं कि चप्पल पहनकर गाड़ी मत चलाओ, पुलिस चालान काट देगी। आपने भी कभी न कभी इस बात पर यकीन जरूर किया होगा। लेकिन क्या वाकई भारतीय ट्रैफिक नियमों (Motor Vehicles Act) में ऐसा कोई प्रावधान है? सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले इन दावों और अनसुने नियमों के पीछे का पूरा सच क्या है, आइए जानते हैं केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण में क्या कहा गया है।
चप्पल पहनकर कार चलाने पर चालान?

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भारत में ट्रैफिक नियमों और पेनाल्टी को तय करने वाले मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) में ऐसा कोई नियम नहीं है जो चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना लगाने की बात कहता हो। कानून की किसी भी धारा या क्लॉज में फुटवियर (Footwear) को लेकर कोई पाबंदी या जुर्माना तय नहीं किया गया है। इसलिए, अगर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी सिर्फ इस वजह से आपका चालान काटने की धमकी देता है, तो उसके पास इसका कोई कानूनी आधार नहीं है।
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नितिन गडकरी के दफ्तर ने खुद किया था साफ

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम के तहत इन 5 सामान्य परिस्थितियों में चालान काटने का कोई नियम नहीं है:
हाफ-स्लीव (आधी आस्तीन) की शर्ट पहनकर गाड़ी चलाना।
लुंगी और बनियान पहनकर वाहन चलाना।
वाहन में अतिरिक्त (एक्स्ट्रा) बल्ब न रखना।
गाड़ी का विंडशील्ड (शीशा) गंदा होना।
चप्पल या स्लीपर्स (फ्लिप-फ्लॉप) पहनकर गाड़ी चलाना।
कानूनन छूट है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से चप्पल पहनना कितना सही?

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भले ही कानून आपको चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने की सजा नहीं देता, लेकिन सुरक्षा के नजरिए से यह बेहद खतरनाक हो सकता है। गाड़ी चलाते समय स्लीपर्स या फ्लिप-फ्लॉप बहुत आसानी से पेडल्स से फिसल सकते हैं। इससे गियर बदलने, अचानक ब्रेक लगाने या तीखे मोड़ों पर पैर की ग्रिप कमजोर हो सकती है, जो किसी आपातकालीन स्थिति में दुर्घटना की वजह बन सकती है।
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जूतों का इस्तेमाल है सबसे बेहतर

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ड्राइविंग के दौरान जूते (Shoes) पहनना सबसे सुरक्षित माना जाता है। यह पैरों को अच्छी ग्रिप देते हैं और इमरजेंसी में आपका रिस्पॉन्स टाइम काफी तेज होता है। कानून को जानना और अफवाहों से बचना आपको किसी भी गलत चालान का शिकार होने से बचाता है। सुरक्षित सफर के लिए बेहतर होगा कि आप अपनी गाड़ी में हमेशा एक जोड़ी जूते अलग से जरूर रखें।