उत्तर और मध्य भारत में सूरज आग उगल रहा है और पारा 50 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक आंकड़े को छू रहा है। अमूमन ऐसी जानलेवा गर्मी में एसी (AC) कंपनियों की चांदी हो जाती है, लेकिन इस साल का गणित पूरी तरह उलझ गया है। भीषण गर्मी के बाद भी बाजारों से एसी गायब होने के बजाय शोरूम में धूल खा रहे हैं। वोल्टास, ब्लू स्टार और डायकिन जैसी दिग्गज कंपनियों का सेल टारगेट बुरी तरह धड़ाम हो गया है। आइए, इन 5 स्लाइड्स के जरिए जानते हैं कि आखिर इस चिलचिलाती गर्मी में भी लोग एसी खरीदने से क्यों कतरा रहे हैं।
पसीने से तर-बतर जनता, पर कंपनियों के अरमानों पर फिरा पानी!

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कंपनियों को उम्मीद थी कि इस सीजन में बिक्री कम से कम 25 से 30% की रफ्तार से बढ़ेगी, लेकिन हकीकत में यह ग्रोथ सिर्फ 15 से 20% पर आकर सिमट गई है अधिकारियों का कहना है कि यह 15% की बढ़त भी सिर्फ इसलिए दिख रही है क्योंकि पिछले साल (2025) बेमौसम बारिश के कारण मौसम ठंडा था और बिक्री बेहद खराब थी। अगर तुलना साल 2024 के सामान्य सीजन से करें, तो असल ग्रोथ महज 10 से 15% ही है।
मिडिल ईस्ट की जंग ने बिगाड़ा भारत के 'कूलर-एसी' का खेल!

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वोल्टास लिमिटेड के एमडी मुकुंदन सी. पी. मेनन के मुताबिक, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और तनाव ने भारतीय उपभोक्ताओं के सेंटिमेंट को डरा दिया है। युद्ध के कारण देश में चौतरफा महंगाई बढ़ी है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों ने अपनी जेबें कस ली हैं। लोग अब सुख-सुविधाओं पर मोटी रकम खर्च करने के बजाय भविष्य के लिए पैसा बचाना ज्यादा जरूरी समझ रहे हैं।
तांबा हुआ महंगा और डॉलर ने बढ़ाई कंपनियों की सिरदर्दी

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एसी बनाने में सबसे महत्वपूर्ण कच्चा माल 'कॉपर' (तांबा) होता है। अंतरराष्ट्रीय संकट के चलते कॉपर की कीमतों में आग लगी हुई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से विदेशों से कलपुर्जे (Parts) आयात करना बेहद महंगा हो गया है, जिसने कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट (उत्पादन लागत) को आसमान पर पहुंचा दिया है।
जेब पर भारी पड़ी 10% की सीधी बढ़ोतरी, बजट से बाहर हुआ एसी

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अपनी बढ़ती लागत का बोझ कम करने के लिए कंपनियों के पास कीमतों को बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। इस सीजन में कंपनियों ने एसी के दामों में 8 से 10% तक का सीधा इजाफा कर दिया है। जो एसी पहले ₹35,000 में मिल जाता था, उसके लिए अब करीब ₹38,500 से ₹40,000 तक चुकाने पड़ रहे हैं। कीमतों में हुई इस अचानक बढ़ोतरी ने आम आदमी को अपनी योजना टालने पर मजबूर कर दिया।
डीलरों का दांव पड़ा उल्टा, गोदामों में डंप पड़ा है स्टॉक

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पिछले साल 2025 में हुए नुकसान की भरपाई के लिए डीलरों ने इस बार गर्मी शुरू होने से पहले ही गोदामों में एसी का भारी स्टॉक जमा कर लिया था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार ब्लू स्टार के एमडी बी. त्यागराजन ने साफ किया है कि अब देश में सप्लाई चेन या माल की कमी की कोई समस्या नहीं है। असली मुसीबत 'प्राइमरी सेल' का सुस्त होना है, यानी ग्राहक शोरूम तक पहुंच ही नहीं रहा है, जिससे डीलरों की पूंजी ब्लॉक हो गई है।