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8वें वेतन आयोग (8th CPC) की बैठकों के बीच 72000 रुपये न्यूनतम वेतन को लेकर चल रही खबरों का सच सामने आ गया है। दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल तक चलने वाली बैठकों से क्या खबर आई है, यहां जानें
72000 रुपये न्यूनतम वेतन की खबरों का क्या है सच?

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8वें वेतन आयोग ने दिल्ली में 28 अप्रैल से 30 अप्रैल तक कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर चल रहे ₹72,000 की न्यूनतम सैलरी के दावों के बीच आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आइए जानते हैं क्या है हकीकत।
₹72,000 सैलरी का दावा: हकीकत या महज अफवाह?

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सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि न्यूनतम वेतन ₹72,000 हो जाएगा। सच यह है कि यह कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं है। यह आंकड़ा केवल अनुमानों पर आधारित है। अभी आयोग केवल सुझाव जुटा रहा है, कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
NC-JCM की असली मांग: ₹69,000 बेसिक पे का प्रस्ताव

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अब तक का एकमात्र आधिकारिक प्रस्ताव नेशनल काउंसिल-जेसीएम (NC-JCM) की ओर से आया है। इस संगठन ने न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹69,000 करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.83 निर्धारित करने की मांग की है।
बैठकों में भारी भीड़: सबको मौका मिलना मुश्किल

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दिल्ली में हो रही बैठकों के लिए आयोग के पास उम्मीद से ज्यादा अनुरोध आए हैं। समय की कमी के कारण सभी संगठनों को इस दौर में शामिल करना संभव नहीं है। छूटे हुए संगठनों को अगले चरणों में मौका दिया जाएगा।
आगे क्या होगा? राज्यों में भी होगा बैठकों का आयोजन

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दिल्ली के बाद, 8वां वेतन आयोग आने वाले महीनों में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेगा। वहाँ के स्थानीय कर्मचारी संगठनों और स्टेकहोल्डर्स से राय ली जाएगी, ताकि एक समावेशी रिपोर्ट तैयार की जा सके।
कर्मचारियों के लिए सलाह: आधिकारिक सूचना का करें इंतजार

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फिटमेंट फैक्टर और भत्तों पर अभी कोई अंतिम मुहर नहीं लगी है। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी घोषणाओं पर ही भरोसा करें। सटीक तस्वीर आने वाले कुछ महीनों में साफ होगी।