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बजट बनाना किसी फिल्म बनाने जैसा है, जहां वित्त मंत्री तो 'डायरेक्टर' होती हैं, लेकिन पर्दे के पीछे कुछ 'स्पेशलिस्ट' होते हैं जो पूरी स्क्रिप्ट तैयार करते हैं. 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले बजट 2026-27 की कोर टीम में इस बार कुछ नए और बहुत अनुभवी चेहरे शामिल हैं. आइये, टीम सीतारमण के उन 7 शिल्पकारों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने बजट की रूपरेखा तैयार की है.

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अनुराधा ठाकुर (आर्थिक मामलों की सचिव) : इसमें पहला नाम है अनुराधा ठाकुर का, जो बजट की मुख्य आर्किटेक्ट हैं. ये तय करती हैं कि किस मंत्रालय को कितना पैसा मिलेगा. साथ ही, देश की अर्थव्यवस्था का पूरा ढांचा (Macro-economic framework) इन्हीं की देखरेख में बनता है. ये पहली महिला आईएएस अधिकारी हैं जो इस विभाग का नेतृत्व कर रही हैं.

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अरविंद श्रीवास्तव (राजस्व सचिव) : इनका रोल टैक्स मास्टर का है. इसका काम बजट भाषण का वह हिस्सा (Part-B) है जिसमें इनकम टैक्स, जीएसटी और सीमा शुल्क की घोषणाएं होती हैं, उसे अरविंद और उनकी टीम ही तैयार करती है. इस बार टीडीएस और कस्टम ड्यूटी में जो भी बदलाव होंगे, उसके पीछे इन्हीं का दिमाग होगा.

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वुमलुनमंग वुअलनाम (व्यय सचिव) : इनका रोल खजाने के चौकीदार का है. इनका काम यह देखना है कि सरकार जो पैसा खर्च कर रही है, वह सही जगह जाए. सब्सिडी को कम करना और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को कंट्रोल में रखना इनकी मुख्य जिम्मेदारी है.

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वी. अनंत नागेश्वरन (मुख्य आर्थिक सलाहकार - CEA): इनका रोल आर्थिक मार्गदर्शक करना है. ये सरकार को बताते हैं कि आने वाले समय में दुनिया और भारत की आर्थिक स्थिति कैसी रहेगी. आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) इन्हीं की देखरेख में तैयार होता है.

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एम. नागराजू (वित्तीय सेवा सचिव) : इनका रोल बैंकिंग और इंश्योरेंस एक्सपर्ट का है. सरकारी बैंकों की सेहत सुधारना, लोन योजनाओं (जैसे मुद्रा लोन) को आगे बढ़ाना और आम आदमी के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (पेंशन आदि) का खाका खींचना इनका काम है.

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अरुणीश चावला (DIPAM सचिव): इनका रोल है एसेट मैनेजर का. सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी बेचकर (Disinvestment) पैसा जुटाने का लक्ष्य इन्हीं के कंधों पर होता है. सरकारी संपत्तियों को कैसे फायदे में बदला जाए, ये उसका प्लान बनाते हैं.

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के. मोसेस चालाई (सार्वजनिक उद्यम सचिव): इनका रोल एक PSU मैनेजर की है. सरकारी कंपनियों के कामकाज और उनमें होने वाले खर्चों की निगरानी करना इनका मेन काम है.

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क्यों खास है ये टीम? : यह टीम ऐसे समय में बजट बना रही है जब भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4% की रफ्तार से बढ़ रही है, लेकिन दुनिया में काफी उथल-पुथल है. इस टीम का लक्ष्य महंगाई को कम करना, मिडिल क्लास को टैक्स में राहत देना और आधारभूत ढांचे (Infrastructure) पर खर्च बढ़ाना है.