क्या आपने कभी सोचा है कि वही कार शहर में कम माइलेज देती है, लेकिन हाईवे पर पेट्रोल की खपत अचानक कम कैसे हो जाती है? इसके पीछे सिर्फ ड्राइविंग स्टाइल नहीं, बल्कि इंजन, गियर और ट्रैफिक का बड़ा खेल होता है. अगर आप भी हर महीने बढ़ते फ्यूल खर्च से परेशान हैं, तो यह वजह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.
खड़ी कार भी करती है ईंधन की खपत

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ट्रैफिक जाम या रेड लाइट पर जब कार रुकी रहती है, तब भी इंजन चालू रहता है, यदि उसमें ऑटो स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम न हो. ऐसे समय में ईंधन लगातार खर्च होता रहता है, लेकिन वाहन आगे नहीं बढ़ता. यही वजह है कि माइलेज कम हो जाता है.
बार-बार रुकना और चलना पड़ता है महंगा

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शहर में ड्राइविंग के दौरान अक्सर ब्रेक लगाना और फिर दोबारा गाड़ी को गति देना पड़ता है. हर बार वाहन को आगे बढ़ाने के लिए इंजन को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है. भीड़भाड़ वाले रास्तों पर लगातार रुकने और चलने की स्थिति को Stop-and-Go ड्राइविंग कहा जाता है. इस दौरान इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है और अधिक ईंधन जलता है, जिससे माइलेज पर सीधा असर पड़ता है. ये भी पढ़ें- कम खर्च में ज्यादा माइलेज, 1 लीटर पेट्रोल में 80KM तक दौड़ती हैं ये बाइक्स; कीमत ₹57,350 से शुरू
स्पीड बढ़ाने और ब्रेक लगाने से होती है ऊर्जा की बर्बादी

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जब आप कार की स्पीड बढ़ाते हैं, तो इंजन ज्यादा फ्यूल का इस्तेमाल करता है. लेकिन थोड़ी देर बाद ब्रेक लगाने पर वही ऊर्जा व्यर्थ हो जाती है. शहर में यह प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है, जिससे ईंधन की खपत लगातार बढ़ती रहती है.
कम गियर और ज्यादा RPM भी हैं वजह

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शहर के ट्रैफिक में कार अक्सर पहले या दूसरे गियर में चलती है. ऐसे में इंजन को ज्यादा RPM पर काम करना पड़ता है. इंजन जितना ज्यादा RPM पर चलेगा, उतना ही ज्यादा ईंधन खर्च होगा, इसलिए शहर में माइलेज कम मिलता है.
हाई गियर में कम होता है फ्यूल खर्च

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हाईवे पर कार आसानी से 5वें या 6वें गियर में चलती है. इस दौरान इंजन कम RPM पर काम करता है, जिससे फ्यूल की खपत घट जाती है. यही कारण है कि हाईवे पर माइलेज आमतौर पर बेहतर मिलता है.
इसलिए हाईवे ड्राइविंग मानी जाती है ज्यादा किफायती

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शहर में ट्रैफिक, बार-बार रुकना, कम गियर और ज्यादा RPM ईंधन की खपत बढ़ा देते हैं. वहीं हाईवे पर स्थिर गति और हाई गियर की वजह से कम फ्यूल खर्च होता है. यही कारण है कि लंबी दूरी की हाईवे ड्राइविंग आमतौर पर ज्यादा किफायती मानी जाती है.