शहर में कार ज्यादा पेट्रोल क्यों पीती है और हाईवे पर माइलेज क्यों बढ़ जाता है? जानिए असली वजह

क्या आपने कभी सोचा है कि वही कार शहर में कम माइलेज देती है, लेकिन हाईवे पर पेट्रोल की खपत अचानक कम कैसे हो जाती है? इसके पीछे सिर्फ ड्राइविंग स्टाइल नहीं, बल्कि इंजन, गियर और ट्रैफिक का बड़ा खेल होता है. अगर आप भी हर महीने बढ़ते फ्यूल खर्च से परेशान हैं, तो यह वजह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.

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क्या आपने कभी सोचा है कि वही कार शहर में कम माइलेज देती है, लेकिन हाईवे पर पेट्रोल की खपत अचानक कम कैसे हो जाती है? इसके पीछे सिर्फ ड्राइविंग स्टाइल नहीं, बल्कि इंजन, गियर और ट्रैफिक का बड़ा खेल होता है. अगर आप भी हर महीने बढ़ते फ्यूल खर्च से परेशान हैं, तो यह वजह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.

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खड़ी कार भी करती है ईंधन की खपत

खड़ी कार भी करती है ईंधन की खपत2 / 8

ट्रैफिक जाम या रेड लाइट पर जब कार रुकी रहती है, तब भी इंजन चालू रहता है, यदि उसमें ऑटो स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम न हो. ऐसे समय में ईंधन लगातार खर्च होता रहता है, लेकिन वाहन आगे नहीं बढ़ता. यही वजह है कि माइलेज कम हो जाता है.

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बार-बार रुकना और चलना पड़ता है महंगा

बार-बार रुकना और चलना पड़ता है महंगा3 / 8

शहर में ड्राइविंग के दौरान अक्सर ब्रेक लगाना और फिर दोबारा गाड़ी को गति देना पड़ता है. हर बार वाहन को आगे बढ़ाने के लिए इंजन को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है. भीड़भाड़ वाले रास्तों पर लगातार रुकने और चलने की स्थिति को Stop-and-Go ड्राइविंग कहा जाता है. इस दौरान इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है और अधिक ईंधन जलता है, जिससे माइलेज पर सीधा असर पड़ता है. ये भी पढ़ें- कम खर्च में ज्यादा माइलेज, 1 लीटर पेट्रोल में 80KM तक दौड़ती हैं ये बाइक्स; कीमत ₹57,350 से शुरू

स्पीड बढ़ाने और ब्रेक लगाने से होती है ऊर्जा की बर्बादी

स्पीड बढ़ाने और ब्रेक लगाने से होती है ऊर्जा की बर्बादी4 / 8

जब आप कार की स्पीड बढ़ाते हैं, तो इंजन ज्यादा फ्यूल का इस्तेमाल करता है. लेकिन थोड़ी देर बाद ब्रेक लगाने पर वही ऊर्जा व्यर्थ हो जाती है. शहर में यह प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है, जिससे ईंधन की खपत लगातार बढ़ती रहती है.

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कम गियर और ज्यादा RPM भी हैं वजह

कम गियर और ज्यादा RPM भी हैं वजह5 / 8

शहर के ट्रैफिक में कार अक्सर पहले या दूसरे गियर में चलती है. ऐसे में इंजन को ज्यादा RPM पर काम करना पड़ता है. इंजन जितना ज्यादा RPM पर चलेगा, उतना ही ज्यादा ईंधन खर्च होगा, इसलिए शहर में माइलेज कम मिलता है.

हाईवे पर मिलता है स्थिर गति का फायदा

हाईवे पर मिलता है स्थिर गति का फायदा6 / 8

हाईवे पर ड्राइविंग की स्थिति काफी अलग होती है. यहां वाहन लंबे समय तक एक समान गति से चलता है. बार-बार ब्रेक लगाने या स्पीड बढ़ाने की जरूरत कम पड़ती है, जिससे इंजन अधिक कुशलता से काम करता है और ईंधन की बचत होती है. ये भी पढ़ें- 360° कैमरा या पार्किंग सेंसर, कार में कौन-सा फीचर ज्यादा जरूरी है? ज्यादातर लोग कर देते हैं ये गलती

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हाई गियर में कम होता है फ्यूल खर्च

हाई गियर में कम होता है फ्यूल खर्च7 / 8

हाईवे पर कार आसानी से 5वें या 6वें गियर में चलती है. इस दौरान इंजन कम RPM पर काम करता है, जिससे फ्यूल की खपत घट जाती है. यही कारण है कि हाईवे पर माइलेज आमतौर पर बेहतर मिलता है.

इसलिए हाईवे ड्राइविंग मानी जाती है ज्यादा किफायती

इसलिए हाईवे ड्राइविंग मानी जाती है ज्यादा किफायती8 / 8

शहर में ट्रैफिक, बार-बार रुकना, कम गियर और ज्यादा RPM ईंधन की खपत बढ़ा देते हैं. वहीं हाईवे पर स्थिर गति और हाई गियर की वजह से कम फ्यूल खर्च होता है. यही कारण है कि लंबी दूरी की हाईवे ड्राइविंग आमतौर पर ज्यादा किफायती मानी जाती है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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