क्या आप भी कर रहे हैं ये बड़ी गलती? जानिए कब बदलें इंजन ऑयल और एयर फिल्टर

क्या आप भी सर्विस सेंटर की हर सलाह मानकर पैसे खर्च कर देते हैं? सच्चाई यह है कि कार के कई पार्ट्स तय समय से पहले बदलने की जरूरत ही नहीं होती. इंजन ऑयल से लेकर ब्रेक पैड्स तक अगर सही टाइमिंग पता हो, तो आप हजारों रुपये बचा सकते हैं और कार को भी बेहतर रख सकते हैं.

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अक्सर लोग कार की सर्विस पूरी तरह सर्विस सेंटर पर छोड़ देते हैं और जो कहा जाता है, वही करा लेते हैं. जबकि सही तरीका यह है कि कार की मेंटेनेंस समझदारी से की जाए. हर पार्ट को बदलने का एक तय समय और किलोमीटर लिमिट होती है, जिसे जानना जरूरी है.

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इंजन ऑयल का सही समय

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इंजन ऑयल कार के इंजन की लाइफलाइन होता है. अगर आप मिनरल ऑयल इस्तेमाल करते हैं, तो इसे हर 5,000 से 10,000 किलोमीटर या करीब 6 महीने में बदलना बेहतर रहता है. वहीं सिंथेटिक ऑयल को 10,000 किलोमीटर या लगभग एक साल तक चलाया जा सकता है. नया ऑयल डालते समय पुराना ऑयल पूरी तरह निकालना जरूरी है.

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एयर फिल्टर की भूमिका

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एयर फिल्टर इंजन तक साफ हवा पहुंचाने का काम करता है. अगर आप ज्यादा धूल या प्रदूषण वाले इलाके में ड्राइव करते हैं, तो इसे हर 6 महीने में बदलना सही रहता है. साफ वातावरण में साल में एक बार बदलना भी काफी हो सकता है.

टायर रोटेशन क्यों जरूरी है

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टायर रोटेशन का मतलब चारों टायरों की पोजीशन बदलना होता है, ताकि सभी टायर बराबर घिसें. इसे हर 8,000 से 10,000 किलोमीटर पर करवाना चाहिए. इससे टायर की लाइफ बढ़ती है और गाड़ी संतुलित चलती है.

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गियर ऑयल कब बदलें

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गियर ऑयल को बार-बार बदलने की जरूरत नहीं होती. आमतौर पर 50,000 से 60,000 किलोमीटर या 4-5 साल बाद इसे बदलना ठीक रहता है. इससे पहले इसे बदलना जरूरी नहीं होता, जब तक कोई समस्या न हो.

ब्रेक पैड्स पर रखें नजर

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शहर में ज्यादा ड्राइव करने से ब्रेक पैड्स जल्दी घिसते हैं. इसलिए इन्हें हर 10,000 से 20,000 किलोमीटर के बीच जरूर चेक कराएं. जरूरत पड़ने पर तुरंत बदलवाना बेहतर होता है.

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कूलेंट और स्पार्क प्लग का समय

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कूलेंट और स्पार्क प्लग जैसे जरूरी पार्ट्स को लगभग 30,000 से 40,000 किलोमीटर के बाद बदलना सही माना जाता है. इससे इंजन की परफॉर्मेंस बनी रहती है.

कार की हालत पर रखें ध्यान

 कार की हालत पर रखें ध्यान8 / 8

सबसे जरूरी है कि आप अपनी कार की कंडीशन को समझें और उसके मैनुअल के अनुसार मेंटेनेंस करें. इससे आप बेवजह के खर्च से बच सकते हैं और कार लंबे समय तक अच्छी हालत में रहती है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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