गर्मियों में कार के अंदर आरामदायक सफर के लिए एयर कंडीशनर बेहद जरूरी हो जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कार में लगा AC आखिर कितनी क्षमता का होता है? ज्यादातर लोग इसका इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन इसकी कूलिंग क्षमता के बारे में नहीं जानते.
AC में टन का क्या मतलब होता है?

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एयर कंडीशनर की क्षमता को टन में मापा जाता है. यहां टन का संबंध वजन से नहीं बल्कि कूलिंग पावर से होता है. आमतौर पर 1 टन AC एक घंटे में करीब 12,000 BTU (ब्रिटिश थर्मल यूनिट) तक कूलिंग प्रदान कर सकता है. किसी जगह का आकार जितना बड़ा होगा, उसे ठंडा करने के लिए उतनी ज्यादा क्षमता वाले AC की जरूरत होगी.
बड़ी SUV और लग्जरी कारों में मिलता है ज्यादा पावरफुल AC

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बड़ी SUV और प्रीमियम लग्जरी कारों में ज्यादा बड़े केबिन को तेजी से ठंडा करने के लिए अधिक क्षमता वाले AC सिस्टम लगाए जाते हैं. ऐसे वाहनों में AC की कूलिंग क्षमता करीब 2 टन तक पहुंच सकती है.
गर्मी में समझ आती है AC की असली ताकत

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जब बाहर का तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तब कार AC की वास्तविक क्षमता का पता चलता है. ऐसे मौसम में यह सिस्टम केबिन को ठंडा रखकर यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव देता है.
बसों में AC की क्षमता होती है कई गुना ज्यादा

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जहां छोटी कारों में 1 से 1.5 टन के आसपास कूलिंग क्षमता होती है, वहीं बड़ी बसों और यात्री वाहनों में यह क्षमता 4 टन से लेकर 12 टन तक पहुंच सकती है. ज्यादा यात्रियों और बड़े केबिन को ठंडा रखने के लिए इतनी अधिक कूलिंग पावर की जरूरत पड़ती है. (Images Credit-AI & Freepik))