IFFCO Managing Director CEO Book Released: दुनिया का सबसे बड़ा सुख है साधारण से असाधारण बना जाना, लेकिन जब असाधारण बनने के लिए संघर्ष में सुख का अहसास करो तो इससे बढ़ा सुख दुनिया में कोई और हो ही नहीं सकता। यही कहानी है, उर्वरक की दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी संस्था इफको के प्रबंध निदेशक और CEO उदय शंकर अवस्थी की, जिनकी जिंदगी लोगों के लिए वाकई प्रेरणा देने वाली है।
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इफ्को की लंबी उड़ान की कहानी
‘संघर्ष का सुख’ उदय शंकर अवस्थी की जिंदगी के सफर की कहानी है। उनके संघर्षों की दास्तां है। उनकी सफलता की बानगी है। उनके जोश और जज्बे का दस्तावेज है। उनके व्यक्तित्व का ऐसा आईना है, जिसमें हर पाठक अपना चेहरा देख सकता है। जीवन में सफल होने का मंत्र पा सकता है। यह एक इंसान के संघर्ष की कहानी तो है ही, छोटी से बड़ी बन गई संस्था की सफलता की दास्तां भी है। उदय शंकर अवस्थी ने इफ्को को न सिर्फ बड़ी सहकारी संस्था बनाया, बल्कि इसे किसानों का सबसे बड़ा हितैषी भी बनाया। यह उनकी सोच ही थी कि इस सहकारी संस्था ने इतनी लंबी उड़ान भरी। बेशक इस उड़ान की कहानी लंबी है, लेकिन यह किताब उस पर बहुत अच्छे से प्रकाश डालती है।
छोटे-से गांव से निकले बच्चे की सफलता की कहानी
‘संघर्ष का सुख’ उत्तर प्रदेश के एक छोटे-से गांव से निकले उस बच्चे की कहानी है, जिसने जिंदगी की सभी मुश्किलों का डटकर सामना किया। संघर्षों में तपकर दुनिया में अपनी एक ऐसी जगह बनाई, जिसके बारे में लोग सपने में भी नहीं सोच पाते। अवस्थी सफल प्रबंधक होने के साथ-साथ बेहद संवेदनशील इंसान थे। देश और यहां के किसानों के लिए वह जो कुछ करना चाहते थे, जितना कुछ करना चाहते थे, उसमें उन्हें सफलता मिली, यह किताब उसी का दस्तावेज है। सफल होना वाकई आसान नहीं होता। सफलता की डगर कितनी कठिन होती है और अवस्थी जैसे दूर की सोच रखने वाले इंसान कैसे समय और अपनी योग्यता का उपयोग इस डगर को आसान बनाने के लिए करते हैं, यह इस किताब से समझा जा सकता है।
रोचक और प्रेरणा देने वाली कहानी
उदय शंका अवस्थी ने छोटी-सी समिति को जिस मंच पर पहुंचाया, वह इस किताब में दिलचस्प तरीके से बयां किया गया है। अपनी दूरदर्शिता से अवस्थी ने इफ्को को विविधता प्रदान की। देश और देश से बाहर मॉडर्न उर्वरक संयंत्रों की स्थापना से लेकर नैनो यूरिया तक उर्वरकों का विकास करके दुनियाभर में भारतीय सहकारिता का परचम लहराया। सहकारिता की दुनिया, प्रबंधन के अलग-अलग आयाम, कृषि क्षेत्र की चुनौतियां और उनके समाधान, अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग और देश को यूरिया के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की योजना को यह किताब पाठकों को अवगत कराती है, जिनके बारे में जानना हर कोई चाहेगा। वाकयी, यह किताब बेहद रोचक और प्रेरणा देने वाली है।