Bigg Boss 18: लांछण बढ़े तब स्टैंडर्ड घटा, नियम टूटे जब मसाला बंटा

Bigg Boss 18 Game Analysis: बिग बॉस-18 में इस बार जिस तरह का रवैया कंटेस्टेंट का देखने का मिल रहा है, उसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शो का कॉन्सेप्ट काफी बदल चुका है। आइए इस ओपिनियन को पढ़कर समझते हैं कि इस बार शो का कॉन्सेप्ट कैसा नजर आ रहा है?

Bigg Boss 18

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Bigg Boss 18 Opinion on Contestants Game: बिग बॉस के 18वें सीजन को शुरू हुए 2 सप्ताह बीत चुके हैं। इन 15 दिनों की जर्नी देखकर यह तय हो गया है कि शो एक-दूसरे पर लांछण लगाने का ही रह गया है। लांछण बढ़ते जा रहे हैं और शो का स्तर गिरता जा रहा है। वीकेंड के वार में सलमान खान की दूसरी क्लास में अविनाश के बारे में कुछ बात न होने से यह तय हो गया कि जो मसाला देगा, उसके बारे में मेकर्स नियम तोड़ने से भी नहीं चूकेंगे। किसी समय एक से एक बढ़कर टास्क ही तय करते थे कि राशन किसे कितना मिलेगा या कैप्टन कौन होगा, डयूटियां कौन बांटेगा या कहां पर कौन सोएगा?

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आजकल सब खत्म है। इस सीजन में टाइम का तांडव, थीम का जमकर प्रचार हुआ। पहला टाइम गॉड भी चुना गया, लेकिन असलियत में वह निकला फिसड्डी। वीकेंड के वार में सलमान खान ने उसे धोकर रख दिया। इसका कारण, सारा घर जिसके खिलाफ, बिग बॉस उसके साथ। पहले उसे खुद ही बेघर करने का लालच दिया, बाद में खुद ही जेल में बैठाकर उसके हाथ में कंट्रोल दे दिया। मेकर्स यहां यह बात भूल गए कि एक टाइम गॉड भी बनाया है, जो खुद 2 दिन भूख से बिलखता देखा गया।

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शो का कॉन्सेप्ट समझें

बॉलीवुड की नामी हस्ती शिल्पा शिरोडकर को नवोदित अभिनेता अविनाश के सामने रोते देखा गया। जिस तरीके से बदले के नाम पर सम्मानित कंटेस्टेंट के साथ निचले दर्ज का व्यवहार होते देख रहा हूं, यकीनन आने वाले सीजन में अच्छे लोग इस शो का हिस्सा बनने से कतराएंगे। इस शो का कॉन्सेप्ट कुछ इसी प्रकार का हो गया है। अगर आपको शो से निकाला गया है, आप विवादित हैं, आप घर में खाली बैठे हैं, आप कमबैक करना चाहते हैं तो पेश है कॉन्ट्रैक्ट साइन कीजिए और नेशनल टीवी पर बेइज्जती करवाने को तैयार हो जाएं। जहां नियम खिलाफ हो जाएं तो बदल दिए जाएंगे। जो भी कंटेस्टेंट मसाला देगा, उसके सो गुनाह भी माफ। थप्पड़ मारेगा तो हम बचा लेंगे। अंग्रेजी बोलेगा तो हम टोकेंगे नहीं। बेघर हुआ तो दोबारा बुला लेंगे और पावर देंगे। किसी को बाहर कब निकालें, वोट नहीं हम तय करेंगे।

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सिद्धार्थ शुक्ला वाला सीजन लाजवाब

बिग बॉस का सिद्धार्थ शुक्ला वाला 14वां सीजन अब तक का सबसे बेहतर सीजन था। जबरदस्त गुस्सा, प्रोवेकेशन, टास्क, भाइचारा, रोमांस, केयर, सभी इमोशन उसमें कूट-कूट कर भरे थे। रोजाना होने वाले टास्क सीजन की USP थे। अकेले में गुस्सा करने वाले रोजाना टास्क में एक हो जाते थे। सिद्धार्थ की जिद, आसिम का गुस्सा, पारस का कंपीटिशन, शहनाज का ट्रिपल एंगल, आरती की केयरिंग, रश्मि-देवोलीना का मसाला, माहिरा की एंट्री, कुल मिलाकर सभी कुछ ऐसा जो सालों बाद भी याद है। सीजन 16 भी कुछ हद तक अच्छा लगा, जिसमें मंडली के गेम ने बांधे रखा। उसे भी अकेले और मंडली के नाम से देखने को मन किया, लेकिन इस बार सब कंफ्यूजन है।

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कब तक पलटेगा गेम?

2 वीकेंड के वार हो चुके हैं। हेमा शर्मा आज के एपिसोड में बाहर हो जाएंगी। उम्मीद है कि आने वाले एपिसोड में कुछ टास्क देखने को मिलें, न कि सिर्फ राशन की लड़ाई चलती जाए। जूनियर एक्टर जब गुस्से में आपे से बाहर वरिष्ठ सेलेब्स के सामने तमीज भूलते हैं तो वह भी उनके मां-बाप को देखना चाहिए। केवल बदला या बेहूदगी ही नहीं, अच्छे इमोशन और कंपीटिशन भरे टास्क भी रियालिटी शो के कॉन्टेस्ट को रोचक बना सकते हैं, TRP भी बढ़ेगी।

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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