Quit Rice Challenge: लगभग सभी लोगों को चावल खाना काफी पसंद होता है। कई जगहों पर चावल लोगों की डाइट का एक अहम हिस्सा है। इसलिए बहुत से लोग पूरे दिन में कम से कम एक बार चावल जरूर खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि अगर आप हर रोज चावल खाते हैं, तो ये आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। चावल कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च अधिक होता है और पोषक तत्व कम होते हैं। रिफाइंड सफेद चावल को ज्यादा खाने से ब्लड शुगर लेवल और वजन तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में अगर आप 21 दिनों तक लगातार चावल नहीं खाते हैं तो इसके कई सारे फायदे हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि चावल न खाने से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं?
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट की हेल्थ एक्सपर्ट प्रिया भार्मा का कहना है कि जब आप एक 21 दिनों तक लगातार चावल नहीं खाते हैं तो शरीर में कैलोरी की मात्रा कम होने के कारण आपका वजन कम हो सकता है। चावल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जिसके सेवन से ब्लड में शुगर लेवल बढ़ सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट रिया देसाई ने बताया कि चावल छोड़ने से कुछ हद तक वजन कम हो सकता है, लेकिन तभी हो सकता है जब चावल को किसी और रूप में भी न खाएं। उन्होंने बताया कि इसे न खाने से ब्लड शुगर लेवल को कम करने में भी मदद मिल सकती है। ऐसे में अगर आप 21 दिनों तक लगातार दिनों तक चावल नहीं खाते हैं तो इससे आप अपना वजन कंट्रोल में रख सकते हैं। साथ ही आप आपने शुगर लेवल को नॉर्मल रख सकते हैं।
चावल की जगह खाएं ये फूड
कई बार डॉक्टर कुछ हेल्थ प्रोब्लेम्स की वजह से चावल खाने से मना कर देते हैं। ऐसे में आप चावल की जगह किसी और फूड को शामिल कर सकते हैं। चावल की जगह क्विनोआ को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। क्विनोआ प्रोटीन और फाइबर का एक अच्छा सोर्स माना जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कम फैट और कम कार्ब होते हैं। ये चावल का बेहतरीन विकल्प जो आपको हेल्दी रखने में मदद करता है।
इन बातों का रखें ध्यान
चावल का हमारी डाइट का एक अहम हिस्सा है, इसे न खाने से हमारी सेहत पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। इससे हमारे शरीर को कम न्यूट्रिशन मिलना, शरीर में कमजोरी और डाइजेशन की समस्या हो सकती है। इसलिए हमें अपनी जरूरत के अनुसार सीमित मात्रा में चावल का सेवन करना चाहिए।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।