दुनिया की 9वीं सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादक कंपनी अदाणी सीमेंट ने सीमेंट की बोरियों का इस्तेमाल करके मां दुर्गा को एक विशाल ‘एरियल ट्रिब्यूट’ दिया है. अदाणी सीमेंट ऐसा करने वाली पहली और एकमात्र सीमेंट कंपनी बन गई है. ‘जहां विश्वास, वहां शक्ति’ कैंपेन (जो नवरात्रि और दुर्गा पूजा 2026 के लिए है) के तहत मध्य प्रदेश में काइमोर प्लांट में मां दुर्गा का सीमेंट की बोरियों से एक इंस्टॉलेशन बनाया गया. इसे 70× 70 फीट के कैनवस पर 15000 अंबुजा और ACC सीमेंट की बोरियों (750 टन सीमेंट) से तैयार किया गया और इसे बनाने में कुल 12600 मैन-आवर्स की मेहनत लगी. इसे बनाने के बाद ऊपर से इसके शानदार नजारे को डिजिटल मूवी में कैद भी किया गया है.
12600 घंटे में पूरी हुई मां दुर्गा रुपी संरचना
जमीन पर सीमेंट की 15000 बोरियां बहुत सटीकता के साथ रखी गईं, जो अलग-अलग इकाइयों की तरह दिख रही थीं. जैसे-जैसे एरियल कैमरा ऊपर उठा, लाइनें आकार में बदलने लगीं, रंग भावों में ढलने लगे और मां दुर्गा का भव्य रूप सामने आया. हजारों बिल्डिंग ब्लॉक्स को धैर्यपूर्वक एक साथ रखकर उनका मुकुट, आंखें, 10 भुजाएं और लहराता हुआ स्वरूप तैयार किया गया था. 12600 घंटों की मेहनत से बनी इस रचना ने आकार को कहानी में बदल दिया, जो आस्था, शक्ति और भरोसे को दृश्य रूप देने के लिए इंसानी कोशिशों का अनगिनत मेल है. यह कैंपेन अदाणी सीमेंट कंपनी के पोर्टफोलियो के 2 मुख्य ब्रांड विचारों के मिलन पर आधारित है.
मां दुर्गा शक्ति सुरक्षा की प्रतीक मानी जाती
‘शक्ति’ अंबुजा सीमेंट के मजबूती के वादे को दर्शाती है, जबकि ‘विश्वास’ ACC की 9 दशकों पुराने भरोसे की विरासत से प्रेरित है. शक्ति और सुरक्षा की प्रतीक मानी जाने वाली मां दुर्गा के रूप में यह दोनों विचार आस्था, परंपरा और सामूहिक प्रयास के सम्मान में एक साथ आते हैं. कैंपेन का शीर्षक, ‘जहां विश्वास, वहां शक्ति’, भरोसे और ताकत के इस मिलन को सीमेंट से बनी रचना के जरिए व्यक्त करता है जिससे घर और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए जाते हैं. इसकी शुरुआत जमीन के करीब से होती है, जहां हाथ काम कर रहे हैं, सीमेंट की बोरियां अपनी जगह पर रखी जा रही हैं. उस विशाल व्यवस्था को दर्शक तब देख पाते हैं, जब 15000 अलग-अलग बोरियां मिलकर माँ दुर्गा का भव्य रूप ले लेती हैं.