हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

Aaj ka Suvichar: सफलता की पहली सीढ़ी है गलतियों से सीख लेना, दूसरी है सुधार, जानें एपीजे अब्दुल कलाम का सुविचार

Aaj ka Suvichar: गलतियां इंसान को गिराती नहीं, सिखाती हैं और जो अपनी कमियों को सुधार लेता है, वही आगे बढ़ता है. आइए जानते हैं, डॉ एपीजे अब्दुल के सुविचार, जो कहते हैं- ‘गलतियों से सीख और सुधार ही सफलता की असली सीढ़ियां हैं.’

विज्ञापन

Aaj ka Suvichar: भारत के पूर्व राष्ट्रपति, शिक्षाविद और थिंकर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने अपने वक्तव्यों में कई बार कहा है कि गलतियों से घबराना नहीं चाहिए. गलतियां केवल असफलता नहीं बल्कि सीखने और इनोवेशन की नींव है. यह सीखने और सफलता की राह में पहली सीढ़ी है, जिससे हमें अपनी कमजोरियों, खामियों और कमियों का पता चलता है. दूसरी सीढ़ी है सुधार, जो गलतियों की उस सीख को अमल में लाकर हम सफलता पाते हैं.

हार की गोद में है जीत

डॉ कलाम ने अपनी विश्व प्रसिद्ध पुस्तक में लिखा है कि जब वे इसरो में SLV-3 परियोजना के निदेशक थे, तो 1979 में इस रॉकेट का पहला प्रक्षेपण नाकामयाब रहा था और रॉकेट समुद्र में गिर गया था. इससे सबको निराशा हुई, लेकिन डॉ कलाम ने इसे हार नहीं मानी.

यह भी पढ़ें: Aaj Ka Suvichar: इन 3 लोगों की संगत इंसान को कर देती है बर्बाद, दूर रहने में है अक्लमंदी

विज्ञापन

पहली सीढ़ी है गलती से सीख

उन्होंने इस गलती से सीख ली और इसे अपनी पहली सीढ़ी बनाया. उन्होंने अपनी कमियों का गहराई से विश्लेषण किया और अपनी टीम के साथ मिलकर हर छोटी-बड़ी खामी को पहचाना.

दूसरी सीढ़ी है सुधार

इतिहास गवाह है कि डॉ कलाम ने उन गलतियों से सीख लिया. जिसका जिक्र उन्होंने कई बार किया है. वे कहते हैं कि उनकी टीम ने उन गलतियों से सीखे गए लेशन और नोट्स को लागू किया और रॉकेट की तकनीक में जरूरी किए गए. परिणाम यह रहा कि एक साल बाद 1980 में SLV-3 का सफल प्रक्षेपण किया गया.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Aaj ka Suvichar: इन लोगों से सफलता रहती है दूर-दूर, जानें पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के सद्विचार

गलतियों को छिपाएं नहीं

डॉ कलाम का जीवन और काम हम सभी के लिए प्रेरणा है, क्योंकि उनका जीवन हार और जीत का सिलसिला रहा है. वे प्रबुद्ध वैज्ञानिक थे. लेकिन वे मानते थे कि कोइ व्यक्ति हो या ऑर्गनाइजेशन, उन्हें अपनी गलतियों को छिपाने के बजाय उसे स्वीकार कर सुधार करना चाहिए. ऐसे ही लोग दुनिया में एक मिसाल बनते हैं और एक नया इतिहास रचते हैं.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Aaj ka Suvichar: चाणक्य नीति में जानें किन 4 लोगों से रहें दूर, वरना दुख, कष्ट और विपत्ति को देंगे बुलावा

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola