मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने नकली बोली लगाने वालों और राजस्व हानि जैसी समस्याओं को रोकने के लिए माइनिंग साइट्स के लिए एक नया पारदर्शी ऑक्शन प्रोसेस शुरू हुआ. इस सुधार से माइनिंग में देरी कम होगी, ऑपरेशनल स्थिरता बढ़ेगी, प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा और राज्य के किसानों व जनता के लिए नए आर्थिक अवसर खुलेंगे.
पत्रकारों से बात करते हुए, इन सुधारों पर खनन एंव भू-विज्ञायान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि माइनिंग साइट्स के लिए नया ऑक्शन प्रोसेस शुरू किया है जो कि तीन साल में पहली बार किया गया है. इससे लॉटरी ड्रॉ, नकली बोली लगाने वालों, राजस्व हानि और काम में देरी जैसी समस्याओं को रोका जा सकेगा.
प्रस्तावित सुधारों में प्राइस-बेस्ड बिडिंग सिस्टम अपनाना शामिल होगा, जो बोली लगाने वालों से पहले से तय, राज्य को लगातार और स्थिर राजस्व मिलने के लिए एडवांस रॉयल्टी भुगतान किया जाएगा, बोली लगाने वालों को पर्यावरण अनुमति लेने की जिम्मेदारी दी जाएगी और संचालन को स्थिर बनाने के लिए लीज की अवधि तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी जाएगी.
इसके अलावा, प्रक्रिया के पहले चरण में राज्य की 29 साइटों को खुली और ऑनलाइन बोली के जरिए माइनिंग के लिए नीलाम किया गया. इसमें 16 बोलियां सफल रहीं और सरकार को ₹11.61 करोड़ का राजस्व मिला. इन इस चरण में करीब 100 और साइटों की नीलामी की जा रही है. उम्मीद है कि इन सुधारों से रेत जैसे कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ेगी, राज्य की कमाई में इजाफा होगा, माइनिंग का काम तेज होगा और नियमों में पारदर्शिता मजबूत होगी.
उन्होंने ने कहा कि CRMS और LMS के साथ नई मंजूरी प्रक्रिया और नया ऑक्शन सिस्टम लागू करना, पंजाब सरकार की कोशिश है कि अवैध माइनिंग खत्म हो, राज्य की कमाई बढ़े और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग लोगों की भलाई के लिए ईमानदारी और पारदर्शिता से हो.










