Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

Information

एसएसएफ पंजाब हाईवे पर 1,500 समर्पित कर्मचारियों के साथ 6-8 मिनट में आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है: बलतेज पन्नू

पंजाब सरकार की रोड सेफ्टी फोर्स (एसएसएफ) ने अपने दो साल के कार्यकाल में हाईवे पर होने वाली मौतों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी लाकर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के ड्रीम प्रोजेक्ट एसएसएफ ने तेज़ आपातकालीन प्रतिक्रिया और मज़बूत मौजूदगी से सैकड़ों कीमती जानें बचाई हैं.

Author
Edited By : Palak Saxena Updated: Feb 3, 2026 09:45

पंजाब सरकार की रोड सेफ्टी फोर्स (एसएसएफ) के दो साल पूरे होने पर उसकी शानदार कामयाबी सांझी करते हुए, आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि यह फोर्स मुख्यमंत्री भगवंत मान की सबसे प्रभावशाली और जनहितैषी के रूप में उभरी है, जो पंजाब के हाईवे पर असली नतीजे दे रही है.

पन्नू ने बताया कि जब दो साल पहले एसएसएफ की शुरुआत की गई थी, तो साल 2023 में पंजाब के हाईवे पर एक्सीडेंट में 1,955 मौतें हुई थीं. साल 2024 में यह आंकड़ा तेज़ी से घटकर 1,016 हो गया है, जिसका मतलब है कि एसएसएफ के तेज़ और प्रोफेशनल रिस्पॉन्स की वजह से सिर्फ़ एक साल में 940 कीमती जानें बचाई गई हैं. जानलेवा दुर्घटनाओं के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जो पूरे पंजाब में हाईवे सेफ्टी में बड़े सुधार का इशारा है.

---विज्ञापन---

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एसएसएफ के तहत लगभग 1,500 विशेष तौर पर प्रशिक्षित जवान फुल-टाइम तैनात किए गए हैं और उन्हें वी.आई.पी या किसी दूसरी ड्यूटी पर नहीं भेजा जाता है. हाईवे पर हर 30 किलोमीटर की दूरी पर पूरी तरह से लैस एसएसएफ गाड़ियां तैनात हैं, जो तेज़ी से कार्रवाई करतें है. नतीजतन, एसएसएफ की टीमें 6 से 8 मिनट के अंदर हादसे वाली जगह पर पहुंच जाती हैं, जो विकसित देशों के बराबर रिस्पॉन्स टाइम है.

पन्नू ने कहा कि ये गाड़ियां फर्स्ट-एड की सुविधाओं, बचाव उपकरण और कटरों से लैस हैं. जवानों को पीड़ितों को सुरक्षित निकालने और अस्पताल भेजने से पहले तुरंत मेडिकल मदद देने की प्रशिक्षित किया गया है.

---विज्ञापन---

उन्होंने कहा कि एसएसएफ की मौजूदगी से हादसे के बाद होने वाली लूटपाट भी लगभग खत्म हो गई है और हाईवे पर होने वाले दूसरे अपराधों में, खासकर रात के समय, में भी भारी कमी आई है.

एसएसएफ को मुख्यमंत्री भगवंत मान का “ड्रीम प्रोजेक्ट” बताते हुए, पन्नू ने कहा कि यह न सिर्फ पूरा हुआ है बल्कि हर दिन जान बचाने वाले नतीजे दे रहा है. उन्होंने सभी एसएसएफ कर्मचारियों और सपोर्ट स्टाफ को उनके डेडिकेशन के लिए बधाई दी और कहा कि इंसानों की जान बचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राप्ती है.

First published on: Feb 03, 2026 09:36 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.