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दिव्यांग नवविवाहित महिलाओं को हर साल ₹10 लाख की आर्थिक मदद देगा अडाणी परिवार

जीत अडाणी की शादी से पहले अडाणी परिवार ने समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए दिव्यांग नवविवाहित महिलाओं के लिए ‘मंगल सेवा’ पहल शुरू की है. इस योजना के तहत हर वर्ष 500 महिलाओं को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता देकर आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में सहयोग किया जाएगा.

Author Edited By : Palak Saxena
Updated: Feb 5, 2026 15:12

उद्योगपति गौतम अडाणी के छोटे बेटे जीत अडाणी की शादी से पहले अडाणी परिवार ने ‘मंगल सेवा’ पहल की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य नवविवाहित दिव्यांग महिलाओं को सहयोग प्रदान करना है. ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल के तहत हर वर्ष 500 नवविवाहित दिव्यांग महिलाओं को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. अपनी शादी से ठीक दो दिन पहले जीत अडाणी ने अपने आवास पर 21 नवविवाहित दिव्यांग महिलाओं और उनके पतियों से मुलाकात कर इस पहल की औपचारिक शुरुआत की. बताया जा रहा है कि जीत अडाणी शुक्रवार को अहमदाबाद में दिवा शाह के साथ विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं.

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, गौतम अडाणी ने अपने सामाजिक दर्शन “सेवा ही साधना है, सेवा ही प्रार्थना है और सेवा ही ईश्वर है” के अनुरूप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके बेटे जीत और बहू दिवा ने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत एक पुण्य संकल्प के साथ की है. उन्होंने कहा कि जीत और दिवा ने ‘मंगल सेवा’ के तहत 500 नवविवाहित दिव्यांग महिलाओं को 10-10 लाख रुपये की सहायता देने का संकल्प लिया है. ANI के अनुसार, गौतम अडाणी ने कहा कि इस पवित्र पहल से अनेक दिव्यांग बेटियों और उनके परिवारों के जीवन में सम्मान और खुशहाली आएगी. उन्होंने जीत और दिवा को सेवा के इस मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते रहने का आशीर्वाद भी दिया.

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वर्तमान में जीत अडाणी अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के निदेशक हैं, जो भारत की सबसे बड़ी एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है और जिसके पास आठ हवाई अड्डों के प्रबंधन और विकास का पोर्टफोलियो है.

हवाई अड्डा व्यवसाय के अलावा, जीत अडाणी अदाणी समूह के रक्षा, पेट्रोकेमिकल और कॉपर व्यवसायों की भी देखरेख करते हैं. साथ ही वे समूह के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं.

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अपनी माता प्रीति अडाणी से प्रेरित होकर जिन्होंने गुजरात के मुंद्रा में एक छोटे ग्रामीण प्रोजेक्ट से अदाणी फाउंडेशन को वैश्विक बदलाव की ताकत में बदला जीत अडाणी परोपकारी गतिविधियों में गहरी रुचि रखते हैं, खासकर दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में.

जीत अडाणी ने 2019 में पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड एप्लाइड साइंसेज से शिक्षा पूरी करने के बाद अदाणी समूह जॉइन किया. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्रुप CFO कार्यालय से की, जहां उन्होंने कैपिटल मार्केट्स, रिस्क, गवर्नेंस पॉलिसी और स्ट्रैटेजिक फाइनेंस पर काम किया. इस भूमिका के तहत उन्होंने समूह के सभी सूचीबद्ध वर्टिकल्स के साथ कार्य किया.

जून 2020 में जीत अडाणी ने अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के निदेशक का पद संभाला. इसके बाद से उन्होंने फाउंडेशन के माध्यम से दिव्यांगजनों के समर्थन से जुड़ी कई साझेदारियों को बढ़ावा दिया है.

पिछले एक दशक में अडाणी फाउंडेशन ने शिक्षा, कौशल विकास, आजीविका के अवसर और अपने प्रमुख प्रोजेक्ट ‘स्वावलंबन’ के तहत सहायक उपकरणों के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है. जीत अडाणी इस उद्देश्य के प्रबल समर्थक हैं और इसकी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं.

ANI के मुताबिक, 2024 में दिव्यांगजन अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जीत अडाणी ने अदाणी फाउंडेशन और गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के बीच सहयोग को संभव बनाया. इस साझेदारी के तहत राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अध्ययनरत दिव्यांग छात्रों को 1,150 से अधिक तकनीकी किट वितरित की गईं.

जीत अडाणी अदाणी फाउंडेशन और मिट्टी सोशल इनिशिएटिव्स फाउंडेशन के बीच सहयोग के भी प्रमुख सूत्रधार रहे हैं. अदाणी समूह के मुंबई और लखनऊ हवाई अड्डों पर संचालित मिट्टी कैफे दिव्यांग व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं और समावेशन व विविधता का संदेश देते हैं. वर्ष 2023 में जीत अडाणी ने अदाणी समूह की ‘ग्रीनएक्स टॉक्स’ की शुरुआत की, जहां दिव्यांगजनों ने अपने संघर्ष और आत्मबल से भरी प्रेरणादायक जीवन कहानियां साझा कीं.

जीत अडाणी अहमदाबाद में रहते हैं, जो विविध क्षेत्रों में सक्रिय बहुराष्ट्रीय समूह अडाणी ग्रुप का मुख्यालय है. इस समूह की स्थापना और नेतृत्व उनके पिता गौतम अडाणी ने किया है, जो एक प्रथम पीढ़ी के उद्यमी हैं.

First published on: Feb 05, 2026 03:11 PM

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