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गुजरात में स्मार्ट सिटी के लिए स्मार्ट सॉल्यूशन्स: सड़कों में घूम रही आवारा गायों के मालिकों की पहचान के लिए गुजरात अपनाएगा AI तकनीक

गुजरात में स्मार्ट सिटी समाधान के तहत अब सड़कों पर घूम रही आवारा गायों के मालिकों की पहचान के लिए AI तकनीक अपनाई जा रही है. अहमदाबाद महानगर पालिका के पायलट प्रोजेक्ट से ट्रैफिक सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं में कमी और डेटा आधारित प्रशासन को मजबूती मिलेगी.

Author Edited By : Palak Saxena
Updated: Jan 19, 2026 17:33
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गुजरात के शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए राज्य सरकार आधुनिक टेक्नोलॉजी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को प्राथमिकता दे रही है. मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गांधीनगर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना किए जाने के बाद इस टेक्नोलॉजी को राज्य के शासन में समाविष्ट कर नागरिक सेवा वितरण को समृद्ध बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

इस दिशा में आगे बढ़ते हुए एक बड़ी समस्या के समाधान के तौर पर अहमदाबाद महानगर पालिका पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर AI तकनीक के माध्यम से आवारा गायों के मालिकों की पहचान करने का उपक्रम अपनाने पर काम कर रही है. इससे सड़कों पर आवारा गायों से होने वाली ट्राफिक समस्या और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी.

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अभी अहमदाबाद मनपा की टीम सीसीटीवी कैमरा की सहायता से अलग-अलग क्षेत्रों में आवारा गायों की तसवीर खींचने के बाद उसमें लगी माइक्रो चिप तथा आरएफआईडी टैग के आधार पर गाय को चिह्नित करती है. यह प्रक्रिया मैन्युअल होने के कारण इसमें समय एवं ऊर्जा का काफी व्यय होता है.

इस समस्या के निवारण के उद्देश्य से गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा एक एजेंसी को एआई मॉडल बनाने का कार्य सौंपा गया है. एजेंसी ने डीप लर्निंग मॉडल द्वारा इस समस्या के निराकरण के लिए कुछ सुझाव प्रस्तुत किए हैं और उनके आधार पर एजेंसी संचालन समिति के समक्ष उनके द्वारा तैयार किया गया मॉडल शीघ्र ही प्रस्तुत करेगी. एजेंसी सीसीटीवी कैमरा द्वारा ली जाने वाली तस्वीरों को एआई मॉडल के साथ एकीकृत कर रियल टाइम में गाय तथा उसके मालिक की पहचान करने वाला एआई मॉडल तैयार कर रही है.

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एजेंसी का प्रस्तावित एआई मॉडल कैसे काम करेगा

इस मॉडल के अंतर्गत एआई तकनीक गाय के चेहरे को स्कैन करेगा, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण पहचान गाय की नाक के आधार पर होगी. जिस प्रकार हर व्यक्ति की फिंगर प्रिंट अलग-अलग होती है, उसी प्रकार हर गाय के नाक की डिजाइन भी अलग-अलग होती है. इसके अलावा; गाय की आँखों व चेहरे पर कोई दाग या निशान हो, तो उसे भी स्कैन किया जाएगा. उसके आधार पर ये एआई मॉडल उस गाय को चिह्नित कर लेगा और डेटाबेस के साथ मैच कर गाय के मालिक का विवरण भी प्रस्तुत कर देगा.

उल्लेखनीय है कि अहमदाबाद में लगभग 1 लाख 10 हजार गायों में आरएफआईडी टैग तथा माइक्रो चिप लगी हुई हैं. उसका डेटाबेस अहमदाबाद मनपा द्वारा संरक्षित किया जाता है. शहर में 130 जंक्शन पर कैमरा द्वारा आवारा गायों की तसवीरें ली जाती हैं.

एआई आधारित इस सॉल्यूशन मॉडल से अहमदाबाद मनपा क्षेत्र में आवारा गायों के कारण होने वाली यातायात व अन्य समस्याओं के शीघ्र निवारण में सहायता मिलेगी और साथ ही, ये AI मॉडल सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाने और डेटा आधारित निरीक्षण व्यवस्था को प्रस्थापित करने में भी सहायता करेगा.

First published on: Jan 19, 2026 05:33 PM

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