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अडाणी ग्रुप का ₹60,000 करोड़ सोशल इन्वेस्टमेंट प्लान, देशभर में बनेंगे 300 स्कूल और 30 अस्पताल

अडाणी ग्रुप ₹60,000 करोड़ के सोशल इन्वेस्टमेंट प्लान के तहत पूरे भारत में 300 वर्ल्ड-क्लास स्कूल और 30 आधुनिक अस्पताल बनाएगा. करण अडाणी ने कहा कि शिक्षा और हेल्थकेयर में निवेश से देश के सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा. यह पहल गौतम अडाणी के परोपकारी संकल्प का हिस्सा है.

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Edited By : Bhawna Dubey Updated: Mar 14, 2026 18:04

अहमदाबाद: करण अडाणी ने कहा कि अडाणी ग्रुप के ₹60,000-करोड़ के परोपकारी वादे का मकसद शिक्षा और हेल्थकेयर में बड़े पैमाने पर निवेश के ज़रिए भारत के सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है.

नई दिल्ली में 13 मार्च को एक लीडरशिप समिट में बोलते हुए करण अडाणी ने कहा कि यह पहल दिखाती है कि आर्थिक विकास के लिए मजबूत सामाजिक संस्थाओं का समर्थन जरूरी होता है.

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इस प्रोग्राम की घोषणा अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने 2022 में अपने 60वें जन्मदिन पर परोपकारी वादे के हिस्से के तौर पर की थी. उनके सिद्धांत “सेवा ही साधना है” से गाइडेड, जो यह पक्का करता है कि समाज की सेवा ही सबसे बड़ा मकसद है, इस वादे में देश भर में 300 वर्ल्ड-क्लास स्कूल और 30 स्टेट-ऑफ-द-आर्ट हॉस्पिटल बनाने का प्लान शामिल है.

मिस्टर अडाणी ने कहा कि इन इंस्टीट्यूशन को अगले दशक में फेज में डेवलप किया जाएगा ताकि लंबे समय तक चलने वाला और टिकाऊ असर हो सके. उन्होंने कहा, “इंफ्रास्ट्रक्चर इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ाता है, लेकिन सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर देश की नींव को मजबूत करता है.”

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प्रस्तावित स्कूलों का मकसद अलग-अलग कम्युनिटी में क्वालिटी एजुकेशन तक पहुंच बढ़ाना और टैलेंट को आगे बढ़ाना है, जबकि हॉस्पिटल से कई इलाकों में एडवांस्ड हेल्थकेयर सर्विस तक पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है.

मिस्टर अडाणी ने कहा कि यह पहल अडाणी ग्रुप की सोशल वेलफेयर और डेवलपमेंट ब्रांच, अडाणी फाउंडेशन के काम पर आधारित है, जो इस साल अगस्त में 30 साल पूरे करेगी.

अडाणी फाउंडेशन कई राज्यों में एजुकेशन, हेल्थकेयर, रूरल डेवलपमेंट और सस्टेनेबल रोजी-रोटी के प्रोग्राम चलाता है.

मिस्टर अडाणी ने कहा कि ग्रुप सोशल इन्वेस्टमेंट को देश बनाने में अपनी भूमिका का एक एक्सटेंशन मानता है. उन्होंने कहा कि पोर्ट, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और एनर्जी प्लेटफॉर्म इकोनॉमिक एक्टिविटी को सपोर्ट करते हैं, लेकिन स्कूल और हॉस्पिटल जैसे इंस्टीट्यूशन मौके बढ़ाने में मदद करते हैं.

उन्होंने कहा, “यह ऐसे इंस्टीट्यूशन बनाने के बारे में है जो दशकों तक कम्युनिटी की सेवा करेंगे.” मिस्टर अडाणी ने आगे कहा कि सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए इकोनॉमिक एक्सपेंशन और इनक्लूसिव डेवलपमेंट दोनों की जरूरत होती है.

“हमारी जिम्मेदारी सिर्फ बिजनेस बनाने से कहीं ज़्यादा है. यह भारत की लॉन्ग-टर्म प्रोग्रेस में योगदान देने के बारे में भी है.”

First published on: Mar 14, 2026 06:04 PM

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