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केंद्रीय मंत्री अमित शाह को क्यों करनी पड़ी देश के महान व्यक्तित्वों के बारे में शोध और लिखने की अपील?

Lachit Barphukan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों को करीब लाने का काम किया है। नए विकसित हवाई अड्डों और रेलवे लाइनों ने दूरी कम कर दी है और इस क्षेत्र को मुख्यधारा के राज्यों से जोड़ दिया है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने यह बात कही। वह लाचित बरफुकन की 400वीं […]

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Lachit Barphukan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों को करीब लाने का काम किया है। नए विकसित हवाई अड्डों और रेलवे लाइनों ने दूरी कम कर दी है और इस क्षेत्र को मुख्यधारा के राज्यों से जोड़ दिया है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने यह बात कही। वह लाचित बरफुकन की 400वीं जयंती समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

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आगे अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा मैंने हमेशा सुना है कि हमारे इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा और गलत तरीके से लिखा गया है। यह सच हो सकता है लेकिन अब हमें हमारे गौरवशाली इतिहास के बारे में लिखने से कौन रोक सकता है? केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम मैं यहां सभी विद्वानों और प्रोफेसरों से देश के किसी भी हिस्से में 150 से अधिक वर्षों तक शासन करने वाले 30 साम्राज्यों और 300 ऐसे महान व्यक्तित्वों के बारे में शोध, अध्ययन और लिखने की अपील करता हूं, जिन्होंने देश की आजादी के लिए खुद को लड़ा और बलिदान दिया।

कौन थे लाचित बरफूकन

24 नवंबर, 1622 को लाचित बरफूकन का जन्म हुआ था। उनके पिता मोमाई तमुली बरबरुआ अहोम स्वर्गदेव (राजा) के सेनापति थे। लाचित कम उम्र से ही राजकीय कला, युद्ध कला और शास्त्रों के अध्ययन करने लगे थे। स्वर्गदेव चक्रध्वज सिंघा ने गुवाहाटी शहर को वापस लेने के लिए बड़ी सेना गठन किया था। जिसका जिम्मा लचित बरफाकुन को सौंपा गया था। जानकारी के मुताबिक लचित बरफुकन के सबसे प्रसिद्ध शब्द, ‘मेरे मामा मेरे देश से बड़े नहीं हैं’, जिसके कारण उन्होंने असमिया सेना की मुगल हमले को रोकने की तैयारी के दौरान गुवाहाटी में किलेबंदी के निर्माण में सुस्त पाए गए अपने मामा का सिर कलम कर दिया था। साल 1667 में उन्होंने गुवाहाटी पर सफलतापूर्वक कब्जा कर लिया था और आक्रमणकारियों के साथ अपनी पुरानी सीमा स्थापित कर ली थी।

First published on: Nov 24, 2022 06:59 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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