Election Commission SIR: चुनाव आयोग द्वारा सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर प्रेसवार्ता की गई. इस दौरान चुनाव आयोग द्वारा देश के 12 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया को शुरू करने की जानकारी दी गई. जिन राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने वाली है. उन राज्यों की मतदाता सूची को सोमवार रात 12 बजे से फ्रीज कर दिया जाएगा. हाल ही में बिहार राज्य में चुनाव आयोग द्वारा की गई एसआईआर की प्रक्रिया सफल रही है. हम आपकों बताते है कि एसआईआर क्या है और कैसे होती है प्रक्रिया.
क्या है SIR का उद्देश्य?
मतदाता सूची में नामों की शुद्धता, नए नाम जोड़ना, काटना, सुधार करना और स्थानांतरण सुनिश्चित करना होता है। जब निर्वाचन आयोग को लगता है कि मतदाता सूची बहुत अधिक असंतुलित हो गई है (उदाहरण के लिए- मृत व्यक्तियों के नाम, डुप्लीकेट प्रविष्टियां, अपूर्ण जानकारी) और जब आम मतदाता पुनरीक्षण (Annual Revision) से इसे ठीक करना पर्याप्त नहीं होता है तब निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को अपनाया जाता है.
SIR प्रक्रिया में क्या-क्या होता है?
SIR की प्रक्रिया के दौरान जिन-जिन राज्यों में यह प्रक्रिया होनी है, वहां ब्लॉक स्तर के अधिकारी (BLOs) की नियुक्ति की जाती है. इसके अलावा बूथ लेवल पर भी इसको लेकर आयोग द्वारा कैंप लगाया जाता है. प्रक्रिया के दौरान BLOs घर-घर जाकर सत्यापन (Door-to-door verification) का काम करते है. इस दौरान BLOs फॉर्म 6, 7, 8 के माध्यम से आवेदन (नया नाम जोड़ना, हटाना, सुधार करना) आदि के कामों को पूरा करते है. इस दौरान यदि किसी मतदाता को अपील करनी है तो वह जिलाधिकारी से कर सकता है. वहां से भी यदि मतदाता संतुष्ठ नहीं होता है तो मतदाता राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से भी अपील कर सकता है.
SIR मतदाता सूची क्या है?
चुनाव आयोग द्वारा व्यापक पुनरीक्षण के तहत नई मतदाता सूची तैयार करने के लिए घर-घर जाकर गणना की जाती है. इस दौरान मौजूदा मतदाता सूचियों से परामर्श किए बिना, गणनाकर्ता प्रत्येक घर जाकर योग्य मतदाताओं की सूची एक निश्चित तिथि के अनुसार बनाते हैं. चुनाव आयोग द्वारा ऐसा तब किया जाता है. जब आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि मौजूदा मतदाता सूचियों को पूरी तरह से बदलने की जरूरत है या सूची त्रुटिपूर्ण हैं. ऐसा आमतौर पर महत्वपूर्ण चुनावों से पहले या निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन जैसी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद होता है.
क्या है SIR और Annual Revision में अंतर?
निर्वाचन आयोग द्वारा Annual Revision प्रक्रिया नियमित रूप से हर वर्ष की जाती हैं. वहीं SIR प्रक्रिया विशेष परिस्थिति में, विशेष रूप से बड़ी गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए किया जाता है. ECI के निर्देशों पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) इसे लागू करते हैं. SIR प्रक्रिया को एक विशेष परिस्थिति में किया जाता है. इसका समय निर्वाचन आयोग तय करता है, खासकर यदि कोई बड़ा चुनाव निकट हो.
संबंधित खबरें
दिल्ली-NCR में कब-कौन तय करता है Grap, कैसे और कौन-सा फेज होगा लागू?
49 mins agoवेनेजुएला-रूस ऑयल, ट्रेड डील... रुबियो के दौरे से भारत को क्या मिल सकता है?
1 hr agoघोषित हुए सीए इंटर सितंबर परीक्षा के नतीजे, चेक करें मेरिट लिस्ट
2 hrs agoकल SIR के विरोध में दिल्ली में बड़ा मार्च, दीपके-नेहा को भी न्योता
2 hrs agoसोनिया गांधी का इंस्टाग्राम डेब्यू, पहले ही पोस्ट पर आए लाखों व्यूज
3 hrs agoकम नहीं हुईं आशुतोष रांका-सौरव दास की मुश्किलें, अब क्राइम ब्रांच ने बुलाया
3 hrs ago'मैं ट्रैवल एजेंट थोड़ी हूं...', राहुल की विदेश यात्रा के सवाल पर शशि थरूर
4 hrs agoCBSE 10वीं की डेटशीट पर आया बड़ा अपडेट, जानें कब शुरू होंगी परीक्षाएं
4 hrs agoUP में चुनावी अफसरों के तबादले पर EC की रोक, बिना इजाजत नहीं हटेंगे अधिकारी
5 hrs agoPM करेंगे मंत्रालयों के काम का 'महामंथन', 27 को पेश होगा लेखा-जोखा
5 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines