पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के दौरान को ईवीएम मशीन पर 'टेप' लगाने की कोशिश का मामला सामने आया है. डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र की हाई-प्रोफाइल सीट फालटा में कई बूथों पर ईवीएम के बटनों पर सेलोफेन टेप चिपकाए जाने की खबरें आई हैं. चुनाव आयोग ने इन प्रभावित बूथों पर दोबारा से वोटिंग के आदेश दिए हैं.

क्या है पूरा विवाद

वोटिंग शुरू होने के कुछ घंटों बाद ही बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने आरोप लगाया कि कई बूथों पर बीजेपी और लेफ्ट (CPM) के उम्मीदवारों के नाम और चुनाव निशान वाले बटन पर टेप चिपका दिया गया है. इसकी वजह से जब वोटर्स बटन दबा रहे थे, तो बटन दब ही नहीं रहा था.

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यह विवाद उस सीट (फालटा) का है, जहां अभिषेक बनर्जी के करीबी जहांगीर खान चुनाव लड़ रहे हैं. बता दें, एक दिन पहले ही 'सिंघम' कहे जाने वाले IPS अजय पाल शर्मा ने जहांगीर खान के घर जाकर कड़ी चेतावनी दी थी कि 'अगर बदमाशी की तो सही तरीके से निपटेंगे.'

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क्या बोली BJP?

सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे विपक्षी उम्मीदवारों के बटनों को ब्लॉक किया गया. बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इन वीडियो को शेयर करते हुए इसे 'डायमंड हार्बर मॉडल' करार दिया है.

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अमित मालवीय ने तंज कसते हुए लिखा - 'ममता बनर्जी इसी गुंडागर्दी का बचाव कर रही थीं. डायमंड हार्बर में इसी मॉडल के दम पर चुनाव जीते जाते हैं, जहां वोटर्स को उनका हक इस्तेमाल करने से ही रोक दिया जाता है.'

अमित मालवीय ने लिखा है,'कई पोलिंग बूथ पर, BJP को वोट देने का ऑप्शन को टेप से ब्लॉक कर दिया गया है, जिससे वोटर अपनी पसंद का वोट नहीं दे पा रहे हैं. यह तथाकथित 'डायमंड हार्बर मॉडल' है, वही मॉडल जिसने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को अपनी लोकसभा सीट जीतने में मदद की थी. हम फाल्टा के उन सभी प्रभावित बूथों पर तुरंत दोबारा वोटिंग की मांग करते हैं जहां ऐसी घटनाएं हुई हैं.' इसके साथ ही अमित मालवीय ने उन बूथों की संख्या भी लिखी है, जहां से शिकायतें मिली थीं.

मोंतेश्वर में भी हंगामा

ऐसा ही मामला पूर्व बर्धमान के मोंतेश्वर विधानसभा क्षेत्र में भी देखने को मिला. यहां बूथ नंबर 35 पर मतदान तब रोकना पड़ा जब टीएमसी उम्मीदवार सिद्दीकुल्लाह चौधरी के बटन पर टेप लगा पाया गया. चुनाव आयोग की टीम और पुलिस मौके पर जांच कर रही है कि यह किसी की शरारत है या सोची-समझी साजिश.

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पूरे क्षेत्र में दोबारा वोटिंग?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि यदि ऐसी और भी शिकायतें पुख्ता पाई गईं, तो केवल कुछ बूथों पर ही नहीं बल्कि पूरे निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा से मतदान कराया जा सकता है. फिलहाल प्रभावित बूथों पर वोटिंग रोक दी गई है और नए सिरे से मतदान की तैयारी की जा रही है.