Terrorist Attack in Jammu and Kashmir: उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले दो प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों ने हमला किया। ये हमला शुक्रवार को बडगाम जिले के मगम क्षेत्र में हुआ। घायल दोनों मजदूरों का पास के अस्पताल में इलाज चल रहा है और दोनों की तबीयत स्थिर है। घायल मजदूरों की पहचान 20 वर्षीय उस्मान मलिक और 25 वर्षीय सोफियान के तौर पर हुई है। दोनों का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से है। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मगम क्षेत्र को घेर लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारुक अब्दुल्ला ने हमले पर गहरा दुख जताते हुए हिंसा की निंदा की है।
बता दें कि हालिया हफ्तों में कश्मीर घाटी में प्रवासी मजदूरों पर हमले बढ़े हैं। 20 अक्तूबर को आतंकियों ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के कैंप पर फायर कर दिया था। इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से 6 लोग प्रवासी थे। ये मजदूर सेंट्रल कश्मीर के गांदरबल जिले में सोनमर्ग के पास टनल का निर्माण कर रहे थे।
16 अक्तूबर को बनी नई सरकार बढ़ते गए हमले
18 अक्तूबर को दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के जैनापोरा गांव में आतंकियों ने एक प्रवासी मजदूर को हमला करके मार डाला। वहीं 24 अक्तूबर को दक्षिणी कश्मीर में त्राल के पास बाटागुंड गांव में आतंकियों ने एक प्रवासी मजदूर पर फायरिंग की। इस फायरिंग में प्रवासी मजदूर घायल हो गया।
24 अक्तूबर की शाम को आतंकियों ने सेना के एक वाहन पर हमला किया, जिसमें दो जवान और दो नागरिक मारे गए। शुक्रवार को हुआ हमला 15 दिनों के भीतर पांचवां हमला था, 16 अक्तूबर को राज्य में नई सरकार के शपथ लेने के बाद से हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
बडगाम अटैक पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीनगर के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहंदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के पास है और इन हमलों को रोक पाने में उनकी नाकामी के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सवाल ये भी है कि चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद अचानक से हमले कैसे बढ़ गए हैं।
जम्मू और कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के चीफ तारिक हामिद कर्रा ने कहा कि ये हमला बहुत ही दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से इन हमलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की।