Supreme Court Decision On FIR in GST, Customs Cases : GST, सीमा शुल्क में FIR से संबंधित मामलों पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। अदालत ने कहा कि गुड एंड सर्विस एक्ट और कस्टम्स एक्ट पर अग्रिम जमानत का प्रावधान लागू होता है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति गिरफ्तारी या एफआईआर से पहले अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अपील कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि जीएसटी और सीमा शुल्क एक्ट के तहत संभावित गिरफ्तारी का सामना कर रहे व्यक्ति एफआईआर दर्ज होने से पहले भी अग्रिम जमानत लेने के हकदार हैं। कोई भी व्यक्ति गिरफ्तारी से पहले अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है, भले ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज न हुआ हो।
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पिछले साल 16 मई को SC ने रखा था फैसला सुरक्षित
16 मई, 2024 को मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने उन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिनमें सीमा शुल्क एक्ट और जीएसटी एक्ट के दंड प्रावधानों को चुनौती दी गई थी और कहा गया था कि ये दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और संविधान के अनुरूप नहीं हैं।
जानें अदालत ने क्या सुनाया फैसला?
मुख्य न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि अग्रिम जमानत जैसे मुद्दों पर सीआरपीसी और उसके बाद बने कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधान सीमा शुल्क और जीएसटी एक्ट के तहत आने वाले लोगों पर भी लागू होंगे। इसमें कहा गया है कि जीएसटी और सीमा शुल्क एक्टों के तहत गिरफ्तारी से पहले भी व्यक्ति अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है। 2018 में राधिका अग्रवाल ने यह याचिका दायर की थी।
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