केरल की मुख्य सचिव शारदा मुरलीधरन अपनी त्वचा के रंग को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर किसी ने उनकी स्किन टोन पर विवादित टिप्पणी की, जिस पर शारदा मुरलीधरन भी मुखर हो गईं। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया है। तो आइए जानते हैं आखिर पूरा मामला क्या है?
स्किन टोन पर हुई टिप्पणी
शारदा मुरलीधरन को पिछले साल केरल का मुख्य सचिव बनाया गया था। इससे पहले शारदा के पति वेणुं मुख्य सचिव के पद पर थे। शारदा के अनुसार यह पोस्ट संभालने के बाद से ही उनकी तुलना उनके पति से का जाती थी। हालांकि स्किन टोन को लेकर की गई तुलना ने उन्हें अंदर तक हिलाकर रख दिया। यह देखकर उन्हें काफी दुख हुआ है।
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शारदा ने शेयर किया पोस्ट
शारदा मुरलीधरन ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मेरे कामों की तुलना हमेशा मेरे पति से की जाती रही है। मगर अब मुझे एक दिलचस्प टिप्पणी सुनने को मिली है, जिसमें लिखा था कि मैं उतनी ही काली हूं, जितने मेरे पति गोरे हैं। शायद वक्त आ गया है कि मुझे मेरे कालेपन को स्वीकार करना होगा।
दिया करारा जवाब
शारदा मुरलीधरन ने सवाल पूछते हुए लिखा कि काले रंग को बदनाम क्यों किया जाता है? जब मैं 4 साल की थी तो मैंने अपनी मां से कहा था कि मुझे फिर से पेट में डालकर गोरी त्वचा के साथ पैदा करो, क्योंकि उनका मानना था कि केवल गोरा रंग ही सुंदर होता है। पर मैं बता दूं कि काला रंग सुंदर है और मुझे वो पसंद है।
कौन हैं शारदा मुरलीधरन?
बता दें कि शारदा मुरलीधरन 1990 बैच की UPSC टॉपर हैं। IAS बनने के बाद उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला था। हालांकि वेणुं से शादी करने के बाद उन्हें केरल कैडर भेज दिया गया। शारदा और वेणुं के 2 बच्चे हैं। उनकी बेटी क्लासिकल डांसर और बेटा कार्टूनिस्ट है। केरल की चीफ सेकेट्री बनने से पहले शारदा लोकल सेल्फ डिपार्टमेंट में अतिरिक्त मुख्य सचिव रह चुकी हैं।
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