पहलगाम हमले के बाद 'आक्रमण', भारतीय वायुसेना ने शुरू किया युद्धाभ्यास

भारतीय वायुसेना पहलगाम हमले के बाद से ही एक्टिव मोड में है। भारतीय वायुसेना सेंट्रल कमांड वाले एरिया में लगातार युद्धाभ्यास कर रही है। वायुसेना ने जहाजों ने पहाड़ी और जमीनी ठिकानों पर निशाना साधा।

Indian Air Force war exercise Akraman military drill

Indian Air Force war exercise

विज्ञापन

पहलगाम हमले के बाद भारत लगातार पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटा है। इस बीच भारतीय वायुसेना ने आक्रमण एक्सरसाइज लॉन्च किया। इसके तहत भारतीय वायुसेना अभ्यास करेगी। जिसमें पहाड़ी और जमीनी लक्ष्यों का अभ्यास किया गया। युद्धाभ्यास में वायुसेना पहाड़ी और जमीनी ठिकानों पर हमला कर रही है।

लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली एक्सरसाइज

सूत्रों की मानें तो पूर्वी सेक्टर से वायुसेना के कई उपकरणों को सेंट्रल सेक्टर की ओर रवाना किया गया। इस एक्सरसाइज के तहत लंबी दूरी तक जाकर दुश्मन के ठिकनों पर बमबारी की जा रही है। पायलट रीयल वॉर सिचुएशन में अभ्यास कर रहे हैं।

Advertisment

फाइटर जेट की लगातार मूवमेंट

भारतीय वायुसेना ने इस युद्धाभ्यास का नाम आक्रमण रखा है जो उसके उद्देश्यों को स्पष्ट करता है। यानी हमला करने से पहले अपनी क्षमता को परखना है। इस युद्धभ्यास को लेकर वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। रक्षा सूत्रों की मानें तो युद्धाभ्यास अभी जारी है। इसमें लंबी दूरी की स्ट्राइक मिशन, दुश्मन के ठिकानों पर हमले का अभ्यास और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से जुड़ी गतिविधियां शामिल है। युद्धाभ्यास के चलते पूर्वी सेक्टर से महत्वपूर्ण संसाधनों को सेंट्रल सेक्टर में तैनात किया गया है।

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर

रक्षा सूत्रों की मानें तो अत्याधुनिक तकनीक से लैस लड़ाकू विमान लगातार युद्धाभ्यास कर रहे हैं। इसमें ग्राउंड अटैक और इलेक्ट्रॉकि वारफेयर ड्रिल्स भी शामिल हैं। आईएएफ के टॉप पायलट्स इस युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। बता दें कि यह अभ्यास ऐसे में समय में हो रहा है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई बड़े फैसले लिए हैं।

विज्ञापन

विज्ञापन

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ