क्या है बग्घी से जुड़ा 40 साल पुराना राज, जिसका पाकिस्तान से कनेक्शन, बैठे भारत-फ्रांस के राष्ट्रपति

Republic Day 2024 President Droupadi Murmu Carriage: गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बग्घी में बैठकर आईं, जानें उस बग्घी का इतिहास और पाकिस्तान से उसका खास कनेक्शन?

President Droupadi Murmu With France President Emmanuel Macron

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ बग्घी में बैठकर गणतंत्र दिवस समारोह में आईं।

President Droupadi Murmu Arrived In Carriage At Parade: 75वें गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार एक स्पेशल बग्घी दिखी, जिसमें बैठकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों कर्तव्य पथ पर आए। यह बग्घी पारंपरिक घोड़ा चलित बग्घी थी, जिसके साथ राजसी घोड़ों पर सवार लाल वर्दी में अंगरक्षक भी थे।

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40 साल बाद कोई राष्ट्रपति बग्घी में बैठकर परेड में आया, क्योंकि 31 दिसंबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या के बाद इस बग्घी का इस्तेमाल बंद कर दिया गया था। बग्घी की जगह हाई सिक्योरिटी कार ने ली ली थी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस बग्घी का पाकिस्तान से बेहद खास कनेक्शन हैं, नहीं तो आइए इस पर बात करते हैं…

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बग्घी जीती थी पाकिस्तान से टॉस करके

घोड़ों से खींची जाने वाली बग्घी ब्रिटिश राज के दौरान भारतीय लॉर्ड वायसराय द्वारा इस्तेमाल की जाती थी। 1947 में विभाजन के समय पाकिस्तान-भारत दोनों ने इस पर दावा किया, जिसका फैसला सिक्के से टॉस करके किया गया।

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राष्ट्रपति की बॉडीगार्ड रेजिमेंट के पहले कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल ठाकुर गोविंद सिंह और पाकिस्तानी सेना के साहबजादा याकूब खान की मौजूदगी में टॉस हुआ, जिसे भारत में जीता और इस तरह बग्घी भारत में आ गई। बग्घी के बॉडीगार्ड भी भारत को मिल गए। इस बग्घी में 1950 में पहली बार देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बैठे थे।

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2014 और 2017 में इस्तेमाल हुई थी बग्घी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, काले रंग की बग्घी पर सोने की परत चढ़ी है। बग्घी का इस्तेमाल राष्ट्रपतियों द्वारा ही किया जाता है। इस बग्घी को भारतीय और ऑस्ट्रिया के घोड़े खींचते हैं। 29 जनवरी 2014 को उस समय के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इस बग्घी में बैठकर बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में आए थे।

रामनाथ कोविंद ने भी 25 जुलाई 2017 को शपथ राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में इस बग्घी की सवारी की थी। 320 एकड़ में बने राष्ट्रपति भवन में घूमने के लिए इस बग्घी का इस्तेमाल किया जाता है। 40 साल बाद राष्ट्रपति मुर्मू बग्घी में बैठकर परेड में हिस्सा लेने आईं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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