Ram temple in Ayodhya biggest feature PM Modi will Inaugurate today Ram Mandir: अब से कुछ घंटों बाद ही अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। यह भव्य मंदिर रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ है। समारोह पर पूरे देश की आंखें लगी हैं। हर तरफ राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है। सभी अपने परम प्रिय आराध्य भगवान राम के दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। राम मंदिर 500 साल के लंबे संघर्ष के बाद बनकर तैयार हुआ है। मंदिर के उद्घाटन का आज होने वाला यह समारोह इतिहास में दर्ज हो जाएगा।
1526 में भारत में बाबर आने के बाद कुछ समय बाद ही बाबर ने राम मंदिर को तोड़ने का आदेश जारी कर दिया था। 1528 में मीर बाकी ने उस मंदिर को तोड़ दिया जिसे हिंदू भगवान राम की जन्मस्थली मानकर पूजते थे। बाबर ने इस जगह पर बाबरी मस्जिद बना दी। सड़के से कोर्ट तक लंबे संघर्ष के बाद राम मंदिर के बनने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद इतना बड़ा मंदिर बनकर तैयार हुआ है जिसे देखने के लिए दुनियाभर से राम भक्त अयोध्या आने को लालायित हैं।
अयोध्या के राम मंदिर में कुल 392 स्तंभ यानी पिलर हैं। तीन मंजिला इस मंदिर में 44 दरवाजे हैं। हर एक मंजिल की उंचाई 20 फीट है। मंदिर का परिसर भी बहुत बड़ा है। राम मंदिर को पारंपरिक नागर शैली में बनाया गया है। पूर्व से पश्चिम तक मंदिर की लंबाई 380 फीट और चौड़ाई 250 फीट है। वहीं मंदिर की ऊंचाई 161 फीट है।
सिंह द्वार से 32 सीढ़ियां
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक मुख्य गर्भगृह में भगवान श्री राम का बचपन का स्वरूप (श्री राम लल्ला की मूर्ति) है और पहली मंजिल पर श्री राम दरबार होगा। पांच मंडप (हॉल)-नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना और कीर्तन मंडप है। देवी-देवताओं की मूर्तियां खंभों और दीवारों पर सुशोभित हैं। मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से होगा। इसके लिए सिंह द्वार से 32 सीढ़ियां चढ़नी होंगी।
वहीं दिव्यांगों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए रैंप और लिफ्ट की व्यवस्था है। मंदिर के चारों ओर 732 मीटर लंबी और 14 फीट चौड़ी परकोटा (आयताकार मिश्रित दीवार) है। मंदिर परिसर के चारों कोनों पर चार मंदिर हैं जो सूर्य देव, देवी भगवती, गणेश भगवान और भगवान शिव को समर्पित। उत्तरी भुजा में मां अन्नपूर्णा का मंदिर है और दक्षिणी भुजा में हनुमान जी का मंदिर है।