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दिल्ली हाईकोर्ट से लालू यादव को झटका, लेन-देन करने वाले कारोबारी की याचिका खारिज

Railways scam Delhi High Court refuses to quash ED summons to man accused of transacting with family of Lalu Prasad Yadav: कारोबारी अमित कात्याल ने हाईकोर्ट का दरवाजा इस आशंका के तहत खटखटाया था कि उन्हें ईडी द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है।

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Railways scam Delhi High Court refuses to quash ED summons to man accused of transacting with family of Lalu Prasad Yadav: दिल्ली हाईकोर्ट से बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने रेलवे में जमीन के बदले नौकरी घोटाले में लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों के साथ लेन-देन करने वाले आरोपी कारोबारी अमित कात्याल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यवाही को रद्द करने से इंकार कर दिया।

बार एंउ बेंच के अनुसार, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि मामले में जांच जारी है और कात्याल को केवल पेश होने और कुछ दस्तावेज जमा करने के लिए बुलाया गया था। अदालत ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के तहत समन जारी करने के लेवल पर ईडी की जांच प्रक्रिया को दबाया नहीं जा सकता है।

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इसलिए अमित कात्याल पहुंचा था हाईकोर्ट

दरअसल, कारोबारी अमित कात्याल ने हाईकोर्ट का दरवाजा इस आशंका के तहत खटखटाया था कि उन्हें ईडी द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्हें ईडी ने कई बार तलब किया और वह पहले ही छह मौकों पर पेश हो चुके हैं। फिर भी जांच में सहयोग करने और संदिग्ध अपराध में आरोपी नहीं होने के बावजूद उन्हें ईडी द्वारा बार-बार बुलाया जा रहा था और उनसे पूछताछ की जा रही है।

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हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि कात्याल की दलीलों में विरोधाभास था। उन्होंने कहा था कि उनके पास ईसीआईआर नहीं है और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उन्हें आरोपी बनाया गया है या नहीं। फिर भी वह ईसीआईआर को रद्द करने की मांग कर रहे थे, क्योंकि यह उनसे संबंधित है। इसलिए अदालत ने ईडी के समन को रद्द करने या एजेंसी को उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश देने की कात्याल की याचिका को खारिज कर दिया।

लालू के कार्यकाल में जमीन के बदले नौकरी का घोटाला

लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच केंद्र में रेल मंत्री थे। उस वक्त रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी निकली तो उम्मीदवारों से नौकरी के बदले जमीन ली गई। लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर इन पदों पर लोगों को नियुक्त करने के लिए रिश्वत के रूप में जमीन लेने का आरोप है। ईडी इस मामले की जांच कर रही है। इसमें अमित कात्याल की संलिप्तता सामने आई थी।

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First published on: Nov 04, 2023 03:18 PM

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