संसद के बजट सत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है. विपक्षी नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में गंभीर आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है. इस मुद्दे को लेकर सदन में जमकर नारेबाजी हुई और विपक्षी सांसदों ने 'राहुल गांधी को बोलने का मौका दो' के नारे लगाए. हंगामे की वजह से लोकसभा की कार्यवाही को बार-बार रोकना पड़ा और अंत में इसे कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
स्पीकर के वादे पर उठे सवाल
राहुल गांधी ने सदन में दावा किया कि एक घंटा पहले उन्होंने स्पीकर से मुलाकात की थी और स्पीकर ने उन्हें बोलने का मौका देने का वादा किया था. राहुल ने चेयर से सवाल किया कि क्या उन्हें अब अपनी बात रखने की इजाजत मिलेगी. हालांकि, पीठासीन अधिकारी और स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी की ओर से किसी भी विषय पर पहले से कोई औपचारिक नोटिस नहीं दिया गया है. स्पीकर ने सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने और बजट पर चर्चा को आगे बढ़ाने की अपील की.
सरकार और किरेन रिजिजू का पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मोर्चा संभाला और उनके दावों को पूरी तरह सही नहीं बताया. रिजिजू ने साफ किया कि स्पीकर ने खुद सदन के गतिरोध को खत्म करने के लिए पहल की थी. उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष के नेता द्वारा सदन के नियमों का पालन किए बिना लगाए जा रहे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं. सरकार की ओर से कहा गया कि सदन की कार्यवाही नियमों और नोटिस के आधार पर ही संचालित की जाती है.
यह भी पढ़ें: संसद में किन लोगों का बंद होता है माइक? डिंपल यादव ने बताई स्पीकर के खिलाफ महाभियोग की वजह
हंगामे की भेंट चढ़ी कार्यवाही
सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर 2 बजे फिर शुरू हुई थी. बजट चर्चा से पहले राहुल गांधी को बोलने देने की मांग पर विपक्ष अड़ा रहा, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ गया. सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से न चल पाने के कारण आज का पूरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया. फिलहाल संसद में बजट पर चर्चा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है.
संसद के बजट सत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है. विपक्षी नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में गंभीर आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है. इस मुद्दे को लेकर सदन में जमकर नारेबाजी हुई और विपक्षी सांसदों ने ‘राहुल गांधी को बोलने का मौका दो’ के नारे लगाए. हंगामे की वजह से लोकसभा की कार्यवाही को बार-बार रोकना पड़ा और अंत में इसे कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
स्पीकर के वादे पर उठे सवाल
राहुल गांधी ने सदन में दावा किया कि एक घंटा पहले उन्होंने स्पीकर से मुलाकात की थी और स्पीकर ने उन्हें बोलने का मौका देने का वादा किया था. राहुल ने चेयर से सवाल किया कि क्या उन्हें अब अपनी बात रखने की इजाजत मिलेगी. हालांकि, पीठासीन अधिकारी और स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी की ओर से किसी भी विषय पर पहले से कोई औपचारिक नोटिस नहीं दिया गया है. स्पीकर ने सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने और बजट पर चर्चा को आगे बढ़ाने की अपील की.
सरकार और किरेन रिजिजू का पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मोर्चा संभाला और उनके दावों को पूरी तरह सही नहीं बताया. रिजिजू ने साफ किया कि स्पीकर ने खुद सदन के गतिरोध को खत्म करने के लिए पहल की थी. उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष के नेता द्वारा सदन के नियमों का पालन किए बिना लगाए जा रहे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं. सरकार की ओर से कहा गया कि सदन की कार्यवाही नियमों और नोटिस के आधार पर ही संचालित की जाती है.
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हंगामे की भेंट चढ़ी कार्यवाही
सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर 2 बजे फिर शुरू हुई थी. बजट चर्चा से पहले राहुल गांधी को बोलने देने की मांग पर विपक्ष अड़ा रहा, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ गया. सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से न चल पाने के कारण आज का पूरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया. फिलहाल संसद में बजट पर चर्चा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है.