नई दिल्ली: सब्जियों में जायके का बादशाह कहे जाने के कारण नखरे में आए प्याज को आम आदमी की पहुंच में रखने के लिए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब हालात सामान्य होने (मार्च 2024 तक) प्याज के निर्यात पर सरकार ने रोक लगा दी है। इसकी पुष्टि विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGTF) की एक अधिसूचना से होती है, जिसमें में कहा गया है, ‘प्याज के लिए निर्यात नीति को 31 मार्च 2024 तक प्रतिबंधित कर दिया गया है’।
बता दें कि पिछले कुछ महीनों से प्याज कटना तो दूर शक्ल देखने पर रुला रहा है। इसकी कीमतें आसमान की तरफ मुंह उठाए हुए हैं। यहां तक कि बाजार भावों की जानकारी रखती वेबसाइट commodityonline.com पर 8 दिसंबर के प्याज के भाव न्यूनतम साढ़े 13 सौ रुपए तो उच्चतम 8 हजार रुपए क्विंटल रहे। इस हिसाब से दो दिन की सब्जी का जायका बढ़ाने के लिए आम आदमी को कम से कम 60 रुपए खर्च करने पड़ेंगे। अब आम जनता की बढ़ती चिंता को कम करने के लिए भारत सरकार ने 31 मार्च 2024 तक प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी है।
अधिसूचना में कही गई है यह बात
इस संबंध में जारी अधिसूचना में विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGTF) की तरफ से कहा गया है कि प्याज के लिए निर्यात नीति को 31 मार्च 2024 तक प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि महानिदेशालय ने कहा कि अन्य देशों को उनके अनुरोध के आधार पर सरकार द्वारा दी गई अनुमति के आधार पर प्याज के निर्यात की अनुमति दी जाएगी। इस अधिसूचना से पहले शुरू हो गई प्याज की लोडिंग को शिपमेंट की अनुमति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा है। इसके अलावा ऐसे मामलों में जहां शिपिंग बिल दाखिल किया गया है और जहाजों ने प्याज की लोडिंग के लिए पहले से ही भारतीय बंदरगाहों पर बर्थ और लंगर डाला है और इस अधिसूचना से पहले उनकी रोटेशन संख्या आवंटित की गई है, उस शिपमेंट को निर्यात के लिए भी अनुमति दी गई है। सरकार ने पहले बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के प्रयास में, निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए 31 दिसंबर, 2023 तक न्यूनतम निर्यात मूल्य 800 डॉलर प्रति मीट्रिक टन लगाया था।
शुक्रवार को विभिन्न शहरों में इस तरह रहे प्याज के भाव
