चेतावनी! उमस अभी और सताएगी; अगले 15 दिन के लिए IMD ने जारी किया अलर्ट, जानें कब जाएगा मानसून?

Monsoon And Humidy Latest News: मानसून जाने वाला है। हालांकि सितंबर के पहले 15 दिन खूब बारिश हुई, लेकिन बाकी के 15 दिन गर्मी पड़ने की भविष्यवाणी हुई है। मौसम विभाग ने इसे लेकर ताजा अपडेट जारी किया है, जिसके अनुसार गर्मी उमस अभी और सताएगी।

Humidity Summer

जाते-जाते गर्मी लोगों को परेशान करने को तैयार है।

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IMD Alert for Second Half of September Weather: बेशक मानसून का असर अब कम होने लगा है, लेकिन अभी यह वापस नहीं जा रहा, इसलिए सितंबर महीने का दूसरा पखवाड़ा गर्म रहने की संभावना है। यह अलर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिया है। ताजा अपडेट के मुताबिक, 19 सितंबर से उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान, गर्मी और उमस बढ़ने की संभावना है, क्योंकि 22 सितंबर तक मानसून के वापस जाने की संभावना है।

हालांकि मानसून समय से पहले चला जाएगा, लेकिन मौसम पूर्वानुमान में कहा गया है कि 19 सितंबर से उत्तर-पश्चिम भारत सहित देश के अधिकांश भागों में तापमान में हल्की वृद्धि होने की संभावना है, क्योंकि जलवायु संकेतों से पता चलता है कि दिल्ली से मानसून लौट चुका है। 22 सितंबर तक यह उत्तर-पश्चिम भारत से वापस चला जाएगा।

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अक्टूबर के पहले हफ्ते में ठंड बढ़ने लगेगी

HT की रिपोर्ट के अनुसार, अगर मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो 8 वर्षों में पहली बार वर्षा ऋतु उत्तर पश्चिम भारत से जल्दी खत्म होगी, लेकिन इसके बाद तापमान में थोड़ी वृद्धि होगी। उसके बाद अक्टूबर के आरम्भ से शरद ऋतु आ जाएगी। दिन और रातें अधिक ठंडी होने लगेंगी। भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक एम. महापात्र ने कहा कि तापमान 19 सितंबर तक सामान्य से नीचे रहेगा, लेकिन उसके बाद सामान्य से थोड़ा ज्यादा हो जाएगा। इसके गर्मी और उमस परेशानी करेगी। 19 सितंबर के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश धीरे-धीरे कम हो जाएगी। 26 सितम्बर से 3 अक्टूबर के बीच पूर्वी भारत को छोड़कर देश के ज्यादातर राज्यों में बारिश नहीं होने की संभावना है। सितंबर के पहले 15 उत्तर भारत के कई हिस्सों में असामान्य रूप से बारिश होती रही है।

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पश्चिमी विक्षोभ के अनुसार नॉर्थ में ठंड बढ़ेगी

रिपोर्ट के अनुसार, इस साल एक जून से 15 सितंबर तक देश में मानसून सीजन में हुई बारिश में सामान्य से 8% की बढ़ोतरी देखी गई। उत्तर-पश्चिम भारत में 7% ज्यादा, मध्य भारत में 18%, दक्षिण प्रायद्वीप में 20% और पूर्वी व उत्तर-पूर्व क्षेत्रों में 15% कम बारिश हुई है। वहीं अब शरद ऋतु की बात करें तो जब अल नीनो से ला नीना में बदलाव आएगा में मौसम पर असर पड़ेगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव एम राजीवन कहते हैं कि ठंड का आगमन इस बात पर निर्भर करता है कि पश्चिमी विक्षोभ किस तरह से आगे बढ़ता है?

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ला नीना वाले साल में ज्यादा ठंड पड़ने की उम्मीद करनी चाहिए। अल नीनो तब होता है, जब प्रशांत महासागर सामान्य से अधिक गर्म होता है। वहीं ला नीना इसके विपरीत होता है, लेकिन ठंड का बढ़ना इस पर निर्भर करेगा कि पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को कब प्रभावित करना शुरू करता है? पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से उठने वाले तूफान हैं, जो मैदानी इलाकों में बारश और हिमालय में बर्फबारी लाते हैं , जिसके परिणामस्वरूप उत्तर भारत में ठंडी हवाएं चलती हैं। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव होने से ही बारिश और बर्फबारी होती है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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