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‘संविधान में SC-ST के लिए आरक्षण में क्रीमी लेयर का प्रावधान नहीं’, कैबिनेट बैठक में हुए ये फैसले

Ashwini Vaishnaw Cabinet Briefing : संविधान में एससी-एसटी के आरक्षण में क्रीमी लेयर का प्रावधान है या नहीं, इसे लेकर मोदी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया। मोदी मंत्रिमंडल ने कहा कि संविधान में क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है।

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Ashwini Vaishnaw Cabinet Briefing : देश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मोदी कैबिनेट ने शुक्रवार को बैठक की। इस मीटिंग में यह चर्चा की गई कि संविधान में मिले रिजर्वेशन को जारी रखा जाए या फिर SC के फैसले का पालन किया जाए। कैबिनेट बैठक में और भी कई फैसले लिए गए। इसके बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट मीटिंग में हुए फैसले की जानकारी दी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक प्रावधानों को कायम रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि संविधान के अनुसार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणियों के भीतर ‘क्रीमी लेयर’ का कोई प्रावधान नहीं है।

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आरक्षण पर क्या बोले अश्विनी वैष्णव?

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण पर एक फैसला सुनाया। इस फैसले में SC ने एससी-एसटी के रिजर्वेशन के विषय पर कुछ सुझाव दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। कैबिनेट का मत है कि एनडीए सरकार बाबासाहेब द्वारा बनाए गए संविधान के प्रावधानों के प्रति प्रतिबद्ध और संकल्पबद्ध है। बाबासाहेब के संविधान में एससी-एसटी के आरक्षण में क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है। कैबिनेट ने फैसला किया कि संविधान के अनुसार ही एससी-एसटी के रिजर्वेशन की व्यवस्था होनी चाहिए।

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किसानों की आय बढ़ाने पर भी लिया गया फैसला

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है, वो है स्वच्छ पौधा कार्यक्रम। बागवानी एक ऐसी चीज है जो किसानों को आय का अच्छा स्रोत दे सकती है, इसमें सबसे बड़ी समस्या जो सामने आती थी, वो थी पौधों में वायरस की समस्या, उत्पादकता कम हो जाती थी। उस समस्या के समाधान के लिए 9 संस्थानों को स्वच्छ पौधा केंद्रों में तब्दील किया जाएगा और स्वच्छ मातृ रोपण सामग्री प्रतिकृति के लिए 75 नर्सरियां तैयार की जाएंगी।

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First published on: Aug 09, 2024 11:08 PM

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