Mani Shankar Aiyar Controversial Statement: लोकसभा चुनाव 2024 की सरगर्मियों के बीच बयानबाजियों का दौर जारी है। कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के बयान का विवाद सुलझा नहीं था कि मणिशंकर अय्यर ने विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान से बात करनी चाहिए। पाकिस्तान की इज्जत करनी चाहिए, क्योंकि वह एक स्वतंत्र देश है। उस देश के पास एटम बम भी है।
बंदूक लेकर घूम रहे हो, उससे क्या मिला? कुछ नहीं, तनाव और बढ़ गया है। कोई भी पागल वहां आ जाए तो क्या होगा देश का? अगर पाकिस्तान ने परमाणु हमला करने का सोच लिया तो? 8 सेकेंड के अंदर उनकी रेडियो एक्टिविटी अमृतसर तक पहुंच जाएगी। विश्व गुरु बनने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन विश्व गुरु बनने के लिए पाकिस्तान के साथ संबंध अच्छे बनाने की मेहनत करते हुए दिखना होगा।
बयान पर भाजपा ने घेरा, कांग्रेस ने सफाई दी
दूसरी ओर मणिशंकर अय्यर का बयान वायरल होते ही भाजपा मुखर हो गई। भाजपा ने एक बार फिर कांग्रेस को घेरते हुए सवाल उठाए। भाजपा के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी, मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान की जुबान में बात कर रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि कांग्रेस को एक तरफ रहना चाहिए। द्विपक्षीय नीति छोड़ दे कांग्रेस को बेहतर होगा।
वहीं मणिशंकर अय्यर के बयान पर कांग्रेस ने अपना स्पष्टीकरण भी दिया। कांग्रेस नेता उदित राज ने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मणिशंकर अय्यर कांग्रेस में किसी ऑफिशियल पोस्ट पर नहीं हैं। वे जो भी बयान देते हैं, जो भी बोलते हैं, वह उनके निजी विचार हैं। उनका कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस उनके बयानों के दायरे बाहर है।
शहजाद पूनावाला की मणिशंकर के बयान पर प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पाकिस्तान से काफी प्रेम है और यह प्रेम कम होने वाला नहीं है। मणिशंकर अय्यर बाहुबल और ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। वे कहते हैं कि पाकिस्तान का सम्मान किया जाना चाहिए। उससे बातचीत की जानी चाहिए और जो पाकिस्तान हमारे देश में आतंकवादी और ड्रग्स भेज रहा है, उसका क्या?
आज पुलवामा जैसी घटनाएं होती हैं तो करारा जवाब दिया जाता है। आज पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उन्हें बख्शने की गुहार लगाता रहता है। कांग्रेस को सबसे पहले पाकिस्तान से समर्थन मिला। 26/11 हमला करने वाले कसाब को क्लीन चिट दे दी गई। अब ‘कांग्रेस का हाथ’ को ‘पाकिस्तान के साथ’ देखा जा रहा है, यह उसी का एक और उदाहरण है।