Sedition Law: 'देशद्रोह कानून जरूरी, सजा भी बढ़े...', लॉ कमीशन ने कानून मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट, दिए कई सुझाव
Edited By Bhola Sharma

Sedition law
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Sedition law
Sedition Law: 152 साल पुराना देशद्रोह कानून खत्म होगा या नहीं, यह तो समय बताएगा। फिलहाल अंग्रेजों के जमाने के इस कानून का विधि आयोग ने समर्थन किया है। आगे भी इस कानून को बनाए रखने की सिफारिशें करते हुए आयोग ने कानून मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
आयोग ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124ए को बनाए रखने की आवश्यकता है। इसे हटाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं है। आंतरिक सुरक्षा खतरों और देश के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए इसके प्रावधानों में कुछ संशोधन किए जा सकते हैं।
Law Commission says Section 124A of IPC dealing with sedition should be retained with certain safeguards to prevent its misuse
— Press Trust of India (@PTI_News) June 1, 2023
सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई 2022 में देशद्रोह कानून को स्थगित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जब तक इस कानून की री-एग्जामिन प्रोसेस पूरी नहीं हो जाती है, तब तक इसके तहत कोई मामला नहीं दर्ज होगा। केंद्र सरकार ने एक जून को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि संसद के मानसून सत्र में बिल लाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मई को सुनवाई करने के बाद अगस्त के दूसरे हफ्ते में सुनवाई की तारीख दी है।
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