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जानें भारत में क्यों नहीं होंगे श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे आर्थिक हालत

नई दिल्ली: आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने शनिवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने में अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि देश को श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। RBI has done a good job in increasing forex reserves: Raghuram Rajan […]

नई दिल्ली: आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने शनिवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने में अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि देश को श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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पूर्व गर्वनर ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। रिजर्व बैंक ने रिजर्व बढ़ाने में अच्छा काम किया है। हमें श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी समस्या नहीं है। हमारे विदेशी कर्ज भी कम हैं।

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विदेशी मुद्रा में गिरावट

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार आरबीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 22 जुलाई को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 571.56 अरब डॉलर रहा। 22 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 1.152 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई।

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अन्य घटक में लाभ

उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के साप्ताहिक सांख्यिकीय पूरक के अनुसार विदेशी मुद्रा आस्तियों में गिरावट के कारण 22 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई। जबकि विदेशी मुद्रा भंडार के अन्य सभी घटकों ने सप्ताह के दौरान लाभ दर्ज किया। भारत की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, जो विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक हैं।

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6.656 अरब डॉलर की गिरावट

22 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान 1.426 अरब डॉलर गिरकर 510.136 अरब डॉलर हो गई। 15 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा संपत्ति में 6.527 अरब डॉलर और 6.656 अरब डॉलर की गिरावट आई थी।

First published on: Jul 16, 2021 03:21 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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