IMF: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund या IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने गुरुवार को कहा कि विश्व आर्थिक विकास 2023 में धीमा होने की संभावना है, जिससे दुनिया में गरीबी और भुखमरी की दर बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि 2023 में विश्व अर्थव्यवस्था के 3 प्रतिशत से कम बढ़ने की उम्मीद है। यह आंकड़ा पिछले साल 3.4 प्रतिशत से भी कम है।
यह भी दावा किया कि अगले पांच वर्षों तक विकास दर लगभग 3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति 1990 में पैदा हुई थी। उसके बाद से विकास के संबंध में सबसे कम मध्यम अवधि की विकास भविष्यवाणी है और पिछले दो दशकों से 3.8 प्रतिशत के औसत से काफी नीचे है।
https://twitter.com/PTI_News/status/1643965976554135554?s=20
दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर झटका
क्रिस्टालिना जॉर्जिवा ने कहा कि धीमी वृद्धि दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर झटका होगी। इसके चलते कम आय वाले देशों के लिए इससे निपटना काफी मुश्किल होगा। गरीबी और भुखमरी और बढ़ सकती है। इस संकट की शुरुआत कोविडकाल से ही शुरू हुई थी।
अगले हफ्ते वॉशिंगटन में होगी अहम बैठक
जॉर्जीवा की यह टिप्पणी आईएमएफ और विश्व बैंक की अगले हफ्ते होने वाली बैठक से पहले आया है। बैठक वॉशिंगटन में प्रस्तावित है। इस दौरान विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।
IMF: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund या IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने गुरुवार को कहा कि विश्व आर्थिक विकास 2023 में धीमा होने की संभावना है, जिससे दुनिया में गरीबी और भुखमरी की दर बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि 2023 में विश्व अर्थव्यवस्था के 3 प्रतिशत से कम बढ़ने की उम्मीद है। यह आंकड़ा पिछले साल 3.4 प्रतिशत से भी कम है।
यह भी दावा किया कि अगले पांच वर्षों तक विकास दर लगभग 3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति 1990 में पैदा हुई थी। उसके बाद से विकास के संबंध में सबसे कम मध्यम अवधि की विकास भविष्यवाणी है और पिछले दो दशकों से 3.8 प्रतिशत के औसत से काफी नीचे है।
दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर झटका
क्रिस्टालिना जॉर्जिवा ने कहा कि धीमी वृद्धि दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर झटका होगी। इसके चलते कम आय वाले देशों के लिए इससे निपटना काफी मुश्किल होगा। गरीबी और भुखमरी और बढ़ सकती है। इस संकट की शुरुआत कोविडकाल से ही शुरू हुई थी।
अगले हफ्ते वॉशिंगटन में होगी अहम बैठक
जॉर्जीवा की यह टिप्पणी आईएमएफ और विश्व बैंक की अगले हफ्ते होने वाली बैठक से पहले आया है। बैठक वॉशिंगटन में प्रस्तावित है। इस दौरान विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।