आम आदमी पार्टी (AAP) में शुक्रवार को अब तक की सबसे बड़ी बगावत देखने को मिली. राघव चड्ढा ने 7 सांसदों के साथ पार्टी छोड़ने और भाजपा में विलय का फैसला किया है. राघव चड्ढा ने इसके लिए एक सोची-समझी कानूनी रणनीति पर काम किया. अब सवाल है क्या राघव चड्ढा और दूसरे AAP सांसदों पर दलबदल विरोधी कानून लागू होगा? क्या राघव चड्ढा और उनके साथियों की राज्यसभा सदस्यता रद्द हो जाएगी? या फिर जो रणनीति राघव चड्ढा ने चली है, वो उनके लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी.
क्या है दलबदल विरोधी कानून?
1985 में संविधान के 52वें संशोधन के जरिए ‘दलबदल विरोधी कानून’ लाया गया था. इसका मकसद उन विधायकों या सांसदों को अयोग्य घोषित करना था जो सत्ता या पद के लालच में अपनी पार्टी बदलते हैं. आमतौर पर अगर कोई सांसद स्वेच्छा से पार्टी छोड़ता है, तो उसकी सदस्यता रद्द हो जाती है.
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‘दो-तिहाई’ का जादुई आंकड़ा
दलबदल कानून में एक बहुत महत्वपूर्ण अपवाद है, जिसे ‘विलय’ कहा जाता है. यदि किसी राजनीतिक दल के कम से कम दो-तिहाई विधायक या सांसद एक साथ पार्टी छोड़ते हैं और किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं, तो उन्हें ‘दलबदलू’ नहीं माना जाता.
राघव ने क्या चली चाल?
राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं. नियम के मुताबिक, अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम 7 सांसदों का एक साथ होना जरूरी था. राघव चड्ढा ने ठीक यही किया. उनके साथ स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी समेत कुल 7 सांसद हैं. इस संख्या बल ने उन्हें संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत सुरक्षा प्रदान कर दी है.
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‘डिप्टी लीडर’ भी बागी
दिलचस्प बात यह है कि इस गुट में अशोक मित्तल भी शामिल हैं, जिन्हें हाल ही में आप नेतृत्व ने राघव चड्ढा को हटाकर राज्यसभा में अपना ‘डिप्टी लीडर’ बनाया था. राघव ने साफ कहा, ‘मैंने 15 साल तक जिस पार्टी को खून-पसीने से सींचा, वह अब अपने सिद्धांतों से भटक गई है. मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति बनकर नहीं रह सकता था.’
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अब आगे क्या होगा?
राघव चड्ढा ने सभापति को सभी 7 सांसदों के हस्ताक्षरित पत्र और विलय के दस्तावेज सौंप दिए हैं. चूंकि, संख्या बल 2/3 के मानदंड को पूरा करता है, इसलिए तकनीकी रूप से यह ‘दलबदल’ नहीं बल्कि ‘वैध विलय’ माना जाएगा. इसका मतलब है कि ये सभी 7 नेता अब भाजपा के सांसद के रूप में सदन में बैठेंगे और केजरीवाल सरकार इन्हें अयोग्य घोषित नहीं करवा पाएगी.
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