First Lok Sabha Election Facts: लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। देशभर में 19 अप्रैल से लेकर 1 जून तक 7 चरणों में वोट डाले जाएंगे। नतीजे 4 जून को आएंगे। इस दौरान जहां कई नेताओं को बड़ी जीत मिलेगी, तो वहीं कई ऐसे नेता भी होंगे, जिनकी जमानत जब्त हो जाएगी। आपने अक्सर सुना होगा कि चुनाव में किसी उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई। आखिर ये जमानत जब्त होना क्या होता है? देश में पहली बार आम चुनाव या लोकसभा चुनाव कैसा हुआ था। इसमें कितने उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी? आइए 1951 में हुए इस ‘खास चुनाव’ की पूरी डिटेल जानते हैं…
कितने उम्मीदवारों की जमानत हुई थी जब्त?
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पहले आम चुनावों में कुल 1874 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। जिसमें से 745 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। राष्ट्रीय दलों की बात करें तो 1217 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। इसमें से 344 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
दिल्ली में चौंकाने वाले आंकड़े
दिल्ली में तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए थे। यहां 19 में से 10 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। सबसे ज्यादा उम्मीदवारों की जमानत उत्तर प्रदेश में जब्त हुई थी। यहां 364 में से 176 उम्मीदवारों को जमानत राशि गंवानी पड़ी। मद्रास में कुल 293 में से 106 उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हो गई थी। बिहार में 67 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी।
क्या होता है जमानत जब्त होना?
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, यदि उम्मीदवार कुल वैध वोटों का न्यूनतम छठा हिस्सा हासिल करने में विफल रहता है, तो उसकी जमानत जब्त हो जाती है। इसके बाद उसके द्वारा जमा कराई गई राशि राजकोष में चली जाती है। लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए सामान्य वर्ग को 25 हजार, एससी, एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 12,500 रुपये जमानत राशि के तौर पर जमा कराने होते हैं।
कांग्रेस ने हासिल किया था प्रचंड बहुमत
आपको बता दें कि पहले लाेकसभा चुनाव 25 अक्टूबर 1951 से लेकर 21 फरवरी 1952 तक हुए थे। इसमें कुल 489 सीटें थीं। हालांकि उस वक्त मतदान करने की न्यूनतम उम्र 21 साल थी। अब ये 18 वर्ष है। इस चुनाव में 54 राजनीतिक पार्टियों ने हिस्सा लिया था। जिसमें 14 नेशनल पार्टियां और बाकी रीजनल और इंडिपेंडेंट पार्टी शामिल थी। इस चुनाव में कांग्रेस को पहले चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल हुआ था। कांग्रेस को 364 सीटों पर जीत मिली थी।
4 जून को तय होगी देश की सरकार
बता दें कि देश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसी के साथ राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां भी तेज कर दी हैं। जहां बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए ने 400 पार सीटों का लक्ष्य रखा है तो वहीं इंडिया गठबंधन कड़ी टक्कर देने की पूरी तैयारी में है। सात चरण में मतदान के बाद 4 जून को ये तय हो जाएगा कि इंडिया गठबंधन या फिर एनडीए, किसकी सरकार बनने वाली है।